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जरुरी जानकारी | मांग नदारद रहने के बीच अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट जारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बाजार में मांग नदारद रहने के बीच देश के प्रमुख बाजारों में मंगलवार को अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट जारी रही तथा सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा बिनौला तेल के दाम नुकसान के साथ बंद हुए। दूसरी ओर सभी खाद्य तेलों की मांग कमजोर रहने के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।

जरुरी जानकारी | मांग नदारद रहने के बीच अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट जारी

नयी दिल्ली, 17 दिसंबर बाजार में मांग नदारद रहने के बीच देश के प्रमुख बाजारों में मंगलवार को अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट जारी रही तथा सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा बिनौला तेल के दाम नुकसान के साथ बंद हुए। दूसरी ओर सभी खाद्य तेलों की मांग कमजोर रहने के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।

मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में गिरावट का रुख है।

बाजार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में निरंतर गिरावट जारी है। मलेशिया में गिरावट के बीच बाकी तेल-तिलहनों की कारोबारी धारणा भी प्रभावित है। तेल-तिलहन बाजार में देशी खपत के लिए देश के तेल-तिलहनों के अलावा विभिन्न उपयोग के लिए अलग-अलग खाद्य तेलों का एक निश्चित मात्रा में आयात किया जाता है लेकिन अगर किसी एक तेल का दाम अचानक बढ़ जाये तो उसका आयात कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में उस खाद्य तेल की कमी को पूरा करने का दबाव बाकी तेल-तिलहन पर आता है जिसकी वजह से बाकी तेल-तिलहनों के दाम भी बढ़ जाते हैं। इस स्थिति का असर पूरी कारोबारी धारणा पर आता है जिससे अफरा-तफरी होने के कारण बाकी तेल-तिलहनों में भी हलचल होने लगती है।

सूत्रों ने कहा कि कभी खाद्य तेल समीक्षकों को सीपीओ के दाम बढ़ने के पीछे मलेशिया की बाढ़ या जैव-ईंधन में पाम-पामोलीन का इस्तेमाल बढ़ना और कभी स्टॉक कम होना नजर आता था। मौजूदा स्थिति से तो लगता है कि न जाने कहां से अचानक पाम-पामोलीन की बाढ़ सी आ गयी है और मलेशिया में दाम टूटने लगे हैं। इस पूरे मामले में सट्टेबाजी की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि मलेशिया में पाम-पामोलीन के दाम में गिरावट रहने के बावजूद बाकी अन्य खाद्य तेलों के मुकाबले इन तेलों के दाम काफी अधिक बने हुए हैं। मजेदार बात यह है कि किसी भी तेल के लिवाल नदारद हैं और मांग बेहद कमजोर है। इस बीच पाम-पामोलीन के दाम में गिरावट रही।

उन्होंने कहा कि सोयाबीन तेल की जो आयात लागत है उससे भी 3-4 रुपये प्रति किलो के नीचे दाम पर बिकने के बावजूद भी सोयाबीन तेल के लिवाल नहीं हैं। जबकि पाम-पामोलीन के ऊंचे दाम की वजह से सोयाबीन तेल की मांग बढ़नी चाहिये थी लेकिन ऐसा हो नहीं रहा क्योंकि कारोबारी आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में है। इस वजह से सोयाबीन तेल में भी गिरावट रही।

दूसरी ओर, सोयाबीन तिलहन की आवक कल के लगभग 4.25 लाख बोरी से घटकर आज लगभग 3.65 लाख बोरी रह गई। ऊंचे भाव के कारण सोयाबीन का डी-आयल्ड केक (डीओसी) बिक नहीं रहा है। इस स्थिति के बीच सोयाबीन तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने हुए हैं।

सूत्रों ने कहा कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में सोयाबीन प्लांट वालों की स्थिति काफी नाजुक है। सोयाबीन की सरकारी खरीद से किसानों को विशेष फायदा नहीं होने वाला है। किसानों को वास्तव में फायदा, देशी तेल-तिलहनों का बाजार विकसित होने से मिलेगा। इसलिए देशी तेल-तिलहनों का बाजार विकसित करने पर ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिये।

उन्होंने कहा कि सरसों की मंडियों में आवक कम है तथा सहकारी संस्था हाफेड एवं नाफेड पूरी सूझबूझ के साथ सरसों की बिकवाली कर रही हैं। सरसों आवक की जो कमी हो रही है उसे हाफेड और नाफेड की नपी-तुली बिकवाली से पूरा किया जा रहा है। इस बीच सरसों तेल-तिलहन भी पूर्वस्तर पर बने रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,500-6,550 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,925-6,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,300 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,160-2,460 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,525 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,260-2,360 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,260-2,385 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,000 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,800 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,200 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,150 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,275-4,325 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 3,975-4,075 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,100 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 17, 2024 07:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).