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जरुरी जानकारी | खाद्यतेलों की मांग की कमी से ज्यादातर तेल तिलहन के भाव टूटे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देशी के साथ साथ विदेशी खाद्यतेलों की भी मांग कमजोर पड़ने और व्यापारियों के पास कोष की कमी के बीच शुक्रवार को देश के तेल-तिलहन बाजारों में सोयाबीन दाना (तिलहन) और बिनौला तेल को छोड़कर बाकी सभी तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट रही। सोयाबीन दाना (तिलहन) और बिनौला तेल के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

जरुरी जानकारी | खाद्यतेलों की मांग की कमी से ज्यादातर तेल तिलहन के भाव टूटे

नयी दिल्ली, 15 दिसंबर देशी के साथ साथ विदेशी खाद्यतेलों की भी मांग कमजोर पड़ने और व्यापारियों के पास कोष की कमी के बीच शुक्रवार को देश के तेल-तिलहन बाजारों में सोयाबीन दाना (तिलहन) और बिनौला तेल को छोड़कर बाकी सभी तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट रही। सोयाबीन दाना (तिलहन) और बिनौला तेल के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

शिकॉगो एक्सचेंज में कल रात 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई थी और फिलहाल यहां घट बढ़ जारी है। जबकि मलेशिया एक्सचेंज में मामूली सुधार है और यहां शाम का कारोबार बंद है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि अब नौबत ये आ गई है कि देशी तेल तिलहन के साथ साथ आयातित तेलों की मांग घट रही है। पिछले लगभग डेढ़ साल से जो तेल उद्योग में घाटे का कारोबार जारी है, उसके बाद व्यापारियों के पास पैसे की कमी हो गयी है और वे आयातित खाद्यतेल का स्टॉक रखने की स्थिति में नहीं हैं।

चूंकि आयातकों ने पहले ऊंचे दाम पर माल खरीद रखा है, उसे अब वे नुकसान के साथ बेचने के लिए मजबूर हैं। देश में तिलहन किसान, आयातक, तेल व्यापारी के साथ साथ पूरे तेल उद्योग की हालत बद से बदतर हो चली है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को अब संभालना मुश्किल हो चला है। कुछ महीनों के बाद आयात शुल्क बढ़ाकर स्थिति को संभालना मुश्किल है क्योंकि बाद में की गई कोई भी कार्रवाई किसानों का भरोसा संभवत: ना जीत सके।

देश में जो तिलहन खेती बढ़ाने की बात कही जाती है, वह बेमतलब साबित होने की आशंका है क्योंकि इस बार जिस प्रकार सस्ते आयातित तेलों की भरमार की वजह से सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, बिनौला आदि मंडियों में नहीं खपी हैं। उसे देखते हुए यह असंभव लगता है कि किसान इनका उत्पादन बढ़ाने में दिलचस्पी दिखायें।

किसान तो मोटे अनाज या अन्य किसी नकदी फसल का रुख करेंगे जो मंडियों में बेहतर दाम पर आसानी से खप सके।

शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,350-5,400 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,875-6,950 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,385-2,660 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,925 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,690 -1,785 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,690 -1,800 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,600 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,375 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 8,850 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 7,925 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,025-5,075 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,825-4,875 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 15, 2023 08:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).