जरुरी जानकारी | अधिकांश खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार का रुख

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में मंगलवार को थोक बाजार में कामकाज के अभाव में मूंगफली तेल-तिलहन कीमतें अपरिवर्तित रुख के साथ बंद हुईं, जबकि सीमित मांग निकलने और विदेशी बाजारों में मजबूती के रुख के बीच बाकी तेल-तिलहन कीमतें सुधार के साथ बंद हुईं। इससे सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतें मजबूत बंद हुईं।

नयी दिल्ली, 29 अगस्त देश में मंगलवार को थोक बाजार में कामकाज के अभाव में मूंगफली तेल-तिलहन कीमतें अपरिवर्तित रुख के साथ बंद हुईं, जबकि सीमित मांग निकलने और विदेशी बाजारों में मजबूती के रुख के बीच बाकी तेल-तिलहन कीमतें सुधार के साथ बंद हुईं। इससे सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतें मजबूत बंद हुईं।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में मजबूती का रुख है। उन्होंने कहा कि ब्राजील का निर्यात वर्ष 2022 के मुकाबले इस साल के पहले सात महीनों में काफी बढ़ा है। पिछले पूरे साल में ब्राजील ने 787.26 लाख टन सोयाबीन दाना (तिलहन) का निर्यात किया था, जो आंकड़ा इस वर्ष जनवरी से जुलाई के बीच सात महीनों में ही 724.65 लाख टन के स्तर पर जा पहुंचा है।

सूत्रों ने कहा इसके अलावा सोयाबीन तेल के प्रमुख उत्पादक देश अर्जेंटीना में सोयाबीन की पेराई पिछले 15 साल के न्यूनतम स्तर पर आ गई है। प्रमुख तेल संगठन सोपा ने भी कहा है कि बारिश में किसी भी देरी से मध्य प्रदेश सहित सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में सोयाबीन फसल की उत्पादकता प्रभावित होगी। इन तथ्यों के मद्देनजर देश में ‘सॉफ्ट आयल’ (नरम तेल) का स्टॉक बनाकर रखने की जरूरत है।

सोपा ने बयान में कहा, ‘‘अगस्त में बारिश में अभूतपूर्व कमी हुई है।... बारिश में किसी भी तरह की देरी से पूरे देश में सोयाबीन की फसल प्रभावित होगी।’’

एसोसिएशन ने 20 अगस्त से 28 अगस्त के बीच मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में सोयाबीन की फसल का व्यापक फसल स्वास्थ्य निगरानी सर्वेक्षण किया है।

सूत्रों ने बताया कि मूंगफली की उपलब्धता की कमी के बीच इसमें कारोबार बेहद सुस्त रहा और अक्टूबर में अगली फसल आने के बाद ही इसमें कुछ हलचल होगी।

मंगलवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,620-5,670 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 7,765-7,815 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 18,550 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,710-2,995 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,675 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,775 -1,870 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,775 -1,885 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,025 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,175 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,050 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,350 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,105-5,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,870-4,965 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।

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