खेल की खबरें | इंग्लैंड क्रिकेट की नेतृत्व शक्ति रूट के बजाय मोर्गन के पास: वान

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लंदन, आठ मार्च इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वान ने कहा कि रोटेशन नीति के इतर टेस्ट टीम के कप्तान जो रूट को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनने की छूट मिलनी चाहिए जैसे की सीमित ओवरों के कप्तान इयोन मोर्गन के साथ है।

वान ने ‘टेलीग्राफ’ के अपने कॉलम में लिखा कि इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ चार मैचों की टेस्ट श्रृंखला में कमजोर टीम उतरी, जहां जोस बटलर और मोईन अली जैसे खिलाड़ी श्रृंखला के बीच में ही स्वदेश लौट आये और वे सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए टीम के साथ होंगे।

वान ने लिखा, ‘‘ यह बहुत स्पष्ट है कि इंग्लैंड क्रिकेट की नेतृत्व शक्ति किसके पास है। यह इयोन मोर्गन के साथ है ना कि जो रूट के पास।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे पूरा यकीन है कि मोर्गन चयनकर्ताओं और एशले जाइल्स के पास गए और कहा कि वह इस साल ट्वेंटी20 में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम चाहते हैं, ताकि अक्टूबर में भारत में होने वाले विश्व कप (टी20) के लिए टीम बना सकें। उनकी इच्छा की पूर्ति हुई।’’

भारतीय टीम ने श्रृंखला को 3-1 से अपने नाम कर विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के लिए जगह पक्की की।

एशेज खिताब जीतने वाले इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘‘ मैं रोटेशन नीति को समझता हूं। कोई भी इसके खिलाफ नहीं है कि खिलाड़ियों को जैव-सुरक्षित माहौल (बायो-बबल) से ब्रेक की जरूरत है। खेल के सबसे लंबे प्रारूप के एक प्रशंसक के तौर पर मुझे इस बात की निराशा है कि कि हमारी टीम (टेस्ट) को कमजोर किया गया, जबकि टी20 टीम काफी मजबूत टीम उतार रहे है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ आप एक कप्तान के तौर पर जब विश्व कप जीतते है जो आपको काफी सुरक्षा मिल जाती है। मैने एशेज जीतने के बाद ऐसा महसूस किया है। क्या आपको लगता है कि एड स्मिथ मोर्गन को मना कर सकते है? बिल्कुल नहीं।’’

वान को मोर्गन के अधिक ताकतवर होने से इंग्लैंड क्रिकेट के नुकसान होने का डर है।

उन्होंने कहा, ‘‘ एक आदमी को इतनी शक्ति देना खतरनाक है क्योंकि ऐसे में वह इंसान बड़ी तस्वीर को नहीं देखता है। वह अच्छे कप्तान है लेकिन यह गलत है कि उन्हें जो भी चाहिये वह मिल रहा है। इससे यह संदेश जाता है कि उनके लिए सिर्फ उनकी टीम ही प्राथमिकता है और इससे दूसरी चीजों का नुकसान होता है।’’

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