ताजा खबरें | दो हजार से अधिक बच्चे गोद लिए जाने की प्रतीक्षा में : सरकार

नयी दिल्ली, 12 मार्च महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में 2,000 से अधिक बच्चे गोद लिए जाने की प्रतीक्षा में हैं और पश्चिम बंगाल में यह संख्या सबसे अधिक है।

महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने उच्च सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि ज्यादातर भावी दत्तक माता-पिता (पीएपी) नामित केयरिंग पोर्टल के माध्यम से छोटे बच्चों (सामान्य स्वास्थ्य वाले और 6 वर्ष से कम आयु के बच्चे) को गोद लेना पसंद करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि गोद लेने वाले समूह में ऐसे बच्चों की संख्या कम है, तो पीएपी के लिए प्रतीक्षा अवधि अधिक हो सकती है।’’

उनके द्वारा पेश आंकड़ों के अनुसार, देश भर में 2,321 बच्चे गोद लिए जाने की प्रतीक्षा में हैं। पश्चिम बंगाल में ऐसे बच्चों की सबसे अधिक संख्या (309) है। इसके बाद महाराष्ट्र में 261, ओडिशा में 225, बिहार में 205 और तेलंगाना में 197 बच्चे हैं।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2021 के लिए भारत में पांच वर्ष तक के सभी बच्चों की अनुमानित जनसंख्या लगभग 13.75 करोड़ है। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, फरवरी 2025 के आंकड़ों के अनुसार, 5 वर्ष तक के केवल 7.49 करोड़ बच्चे ही आंगनवाड़ी में नामांकित और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत हैं।’’

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि महिला हेल्पलाइन को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली के साथ एकीकृत किया गया है और अब तक, उसे 2.10 करोड़ से अधिक कॉल आये हैं और उसने 84.43 लाख से अधिक महिलाओं की सहायता की है।

उन्होंने कहा कि जनवरी 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 404 विशेष पॉक्सो अदालतों सहित 745 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें संचालित हो रही हैं। इन अदालतों ने देश भर में बलात्कार और पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराधों के 3.06 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है।

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