देश की खबरें | मध्याह्न भोजन योजना के लिए आप सरकार को 27 करोड़ रुपए से अधिक राशि जारी की गई: केंद्र
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नयी दिल्ली, 21 जुलाई केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सोमवार को बताया कि उसने मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना के तहत ‘आप’ सरकार के लिए 27 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की है।
केंद्र ने मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ को सूचित किया कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए केंद्रीय सहायता के तौर पर 27,17,76,000 करोड़ रुपए जारी किए गए।
केंद्र की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि 29 अप्रैल को नौ करोड़ रुपए और एक मई को 18 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की गई और उन्होंने इस बारे में शपथपत्र दायर करने के लिए अदालत से समय देने का अनुरोध किया।
अदातल ने 30 जून को केंद्र से पूछा था कि उसने मध्याह्न भोजन के लिए धन कब और किस महीने में हस्तांतरित किया और दिल्ली सरकार को कब यह राशि मिली। इसी के जवाब में केंद्र ने यह जानकारी दी।
दिल्ली सरकार के वकील ने भी उत्तर दायर करने के लिए समय मांगा।
पीठ ने कहा कि 30 जून के उसके आदेश के बावजूद कोई उत्तर दायर नहीं किया गया और उसने केंद्र एवं दिल्ली सरकार को हलफनामे दायर करने का ‘‘आखिरी मौका’’ देते हुए मामले की आगे की सुनवाई के लिए सात अगस्त की तारीख तय की।
‘महिला एकता मंच’ नामक गैर सरकारी संगठन ने जनहित याचिका दायर करके दिल्ली सरकार को यह निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया था कि कोविड-19 के कारण लागू लॉकडाउन में स्कूल बंद होने के दौरान पात्र बच्चों को पका हुआ मध्याह्न भोजन या खाद्य सुरक्षा भत्ता मुहैया कराया जाए।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उसका मकसद महामारी के दौरान गरीब बच्चों की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाना है।
दिल्ली सरकार ने 30 जून को कहा था कि बच्चों को स्कूलों में मध्याह्न भोजन देने के लिए अभी उसे राशि प्राप्त नहीं हुई है। इस पर अदालत ने कहा था कि मध्याह्न भोजन के लिए बच्चों को महीनों तक इंतजार कराना सही नहीं है।
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