विदेश मंत्रालय के महानिरीक्षक द्वारा बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में अफगान नागरिकों के लिए विशेष आव्रजन वीजा जारी करने की प्रक्रिया में सुधार के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया गया है।
अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी तथा तालिबान के शासन के दो वर्ष पूरे होने के बाद भी चुनौतियां बरकरार हैं।
यह वीजा कार्यक्रम 2009 में उन अफगान नागरिकों की मदद के लिए शुरू किया गया था जो अमेरिकियों के साथ काम कर रहे थे और ऐसा करने के लिए जोखिम उठा रहे थे। ऐसा ही कार्यक्रम इराकियों के लिए भी है। आवेदन मंजूर करने की धीमी प्रक्रिया को लेकर इन कार्यक्रमों की अलोचना भी हुई है।
अमेरिका के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद से वीजा के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2021 में करीब 30,000 लोगों ने आवेदन दिया था, लेकिन दिसंबर 2022 तक आवेदनों की संख्या लगभग 1,55,000 हो गई। इन आंकड़ों में आवेदनकर्ता के परिवार के सदस्य शामिल नहीं हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि विदेश मंत्रालय का अनुमान है कि इस साल अप्रैल तक विशेष वीजा कार्यक्रम के लिए आवेदन करने वाले 8,40,000 से अधिक आवेदक और उनके परिवार के सदस्य अब भी अफगानिस्तान में हैं और वीजा मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
इसमें यह भी कहा गया कि हर आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाता। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही जांच में मिलता है कि 50 फीसदी आवेदक इसकी पात्रता पूरी नहीं करते ।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि जनवरी 2021 में राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन की शुरुआत के बाद से इस वर्ष अगस्त तक आवेदकों और उनके परिवार के सदस्यों को 34,000 वीजा जारी किए जा चुके हैं, जो कि पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक हैं।
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