कोविड-19 के संक्रमण से मुक्त हो चुके 40 से अधिक मुस्लिम रोगियों ने प्लाज्मा देने की पेशकश की
केंद्र सरकार ने हाल ही में गुजरात के स्वास्थ्य अधिकारियों को प्लाज्मा चढ़ाने की थेरेपी का प्रायोगिक आधार पर उपयोग करने की अनुमति दी थी, जिसका उद्देश्य गंभीर रोगियों की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाना है।
अहमदाबाद, 23 अप्रैल कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त हो चुके 40 से अधिक मुस्लिम रोगियों ने दूसरे मरीजों के उपचार के लिए अपना रक्त प्लाज्मा दान करने के लिए सहमति जताई है। इन रोगियों को वड़ोदरा के एक अस्पताल से बृहस्पतिवार को छुट्टी दी गयी है।
केंद्र सरकार ने हाल ही में गुजरात के स्वास्थ्य अधिकारियों को प्लाज्मा चढ़ाने की थेरेपी का प्रायोगिक आधार पर उपयोग करने की अनुमति दी थी, जिसका उद्देश्य गंभीर रोगियों की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाना है।
स्वस्थ हो चुके रोगियों के प्लाज्मा में एंटीबॉडी होते हैं जो अन्य रोगियों में चढ़ाने पर संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकते हैं।
मुस्लिम समुदाय के नेता जुबेर गोपलानी ने कहा कि बृहस्पतिवार को वड़ोदरा के कोविड देखभाल केंद्र से 44 मुस्लिम रोगियों को छुट्टी दे दी गयी। दो दिन में उनकी जांच के नमूने दो बार संक्रमण मुक्त मिले।
इनमें से किसी को भी बीमारी के लक्षण नहीं थे और ये गंभीर स्थिति में नहीं थे, इसलिए उन्हें अजवा रोड पर इब्राहिम बवानी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के छात्रावास परिसर में बनाये गये कोविड केंद्र में रखा गया था।
गोपलानी ने कहा, ‘‘गहन देखभाल और अधिकारियों द्वारा दिये गये अच्छे भोजन से वे अंतत: स्वस्थ हो गये।’’
कोविड देखभाल केंद्र से छुट्टी मिलते समय इनमें से 40 से अधिक ने कहा कि वे प्लाज्मा देने को तैयार हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2020 09:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

