देश की खबरें | आगामी संसद सत्र में 1500 से अधिक अप्रचलित और पुराने कानूनों को निरस्त किया जाएगा : रीजीजू

शिलांग, 22 अक्टूबर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों के जीवन में सरकारी हस्तक्षेप को कम करना चाहते हैं और केंद्र सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान 1500 से अधिक अप्रचलित और पुराने कानूनों को निरस्त करेगी।

रीजीजू ने यहां 'रोजगार मेला' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अप्रचलित कानून आम लोगों के सामान्य जीवन में बाधा हैं और वर्तमान समय में प्रासंगिक नहीं हैं, न ही क़ानून की किताबों में रहने के लायक हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री की इच्छा है कि लोगों के अनुपालन के बोझ को कम किया जाए, यह सुनिश्चित किया जाए कि वे यथासंभव शांति से रह सकें। वह आम लोगों के जीवन में कम सरकारी हस्तक्षेप चाहते हैं।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 लाख लोगों की भर्ती के लिए शनिवार को ‘रोजगार मेले’ की शुरुआत की।

केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा, ‘‘केंद्र में हमारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने सभी अप्रचलित पुरातन कानूनों को हटाने का फैसला किया है, क्योंकि अनावश्यक कानून आम आदमी के लिए एक बोझ हैं। हमने संसद के शीतकालीन सत्र में 1500 से अधिक कानूनों को रद्द करने का फैसला किया है। मैं कई और निरसन अधिनियम पेश करने के लिए तैयार हूं।’’

रीजीजू ने मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाली सरकार की प्रशंसा की, लेकिन यह इच्छा व्यक्त की कि आम लोगों के अधिक लाभ के लिए भाजपा को सरकार में अधिक भूमिका दी जाए।

गौरतलब है कि मेघालय विधानसभा चुनाव करीब चार महीने में होने हैं।

रीजीजू ने कहा कि केंद्र पूर्वोत्तर पर विशेष ध्यान दे रहा है और ऐसा कोई कारण नहीं है कि यह क्षेत्र किसी भी क्षेत्र में पिछड़ जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर को समृद्ध और भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाना भाजपा की इच्छा है। पार्टी 2047 तक भारत को समृद्ध और पूर्ण विकसित बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करना चाहती है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)