गुवाहाटी, तीन अक्टूबर असम में बाल विवाह के खिलाफ राज्य व्यापी कार्रवाई के दूसरे चरण में मंगलवार को 1000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी।
इस साल की शुरुआत में अभियान के पहले चरण में राज्य भर से हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ‘‘बाल विवाह के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई के तहत असम पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर 800 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह अभियान तड़के शुरू हुआ।’’
बाद में उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किये गए व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 1039 हो गई है।
उन्होंने कहा कि इस सामाजिक बुराई से संबंधित मामलों में गिरफ्तार किए जाने वाले लोगों की संख्या और बढ़ने की संभावना है क्योंकि अभियान अभी भी जारी है।
मुख्यमंत्री द्वारा इस सामाजिक बुराई के खिलाफ बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति की घोषणा के बाद, असम सरकार ने फरवरी से बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी, जिसमें लगभग 4,300 प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही 3,500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
शर्मा ने 11 सितंबर को असम विधानसभा में बताया था कि पिछले पांच साल में बाल विवाह से संबंधित मामलों में कुल 3,907 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 3,319 लोगों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा था कि हालांकि, अदालतों ने बाल विवाह के खिलाफ मामलों में अब तक केवल 62 लोगों को दोषी ठहराया है।
नवीनतम कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने कहा, ‘‘हम पुलिस बल के माध्यम से बाल विवाह को नहीं रोक सकते। हितधारकों से बात करके एक समावेशी दृष्टिकोण अपनाना होगा।’’
उन्होंने कहा कि पुराने मामलों से जुड़े लोगों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए और अगर फरवरी में पहले अभियान के बाद बाल विवाह का कोई नया मामला सामने आया है, तो यह असम पुलिस की “विफलता” है।
सैकिया ने कहा, ‘‘इस खतरे को रोकने के लिए लोगों को शिक्षित करना जरूरी है। पुलिस के साथ-साथ बाल विकास और महिला उत्थान से जुड़ी अन्य एजेंसियों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए।’’
मार्च में 2023-24 का बजट पेश करते हुए असम की वित्त मंत्री अजंता नियोग ने घोषणा की थी कि सरकार 2026 तक बाल विवाह को पूरी तरह से खत्म करने के लिए 200 करोड़ रुपये का 'राज्य मिशन' शुरू करेगी।
उन्होंने कहा था कि मिशन के तहत, असम में सभी ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह रोकथाम अधिकारी के रूप में नामित किया जाएगा।
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