जरुरी जानकारी | किफायती आवास के कर्ज पर मासिक किस्त दो साल में 20 प्रतिशत बढ़ गईः एनारॉक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आवासीय ऋण पर ब्याज दर बढ़ने से 40 लाख रुपये से कम कीमत की संपत्ति खरीदने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त पिछले दो वर्षों में 20 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक ने यह आकलन पेश किया है।
नयी दिल्ली, दो अगस्त आवासीय ऋण पर ब्याज दर बढ़ने से 40 लाख रुपये से कम कीमत की संपत्ति खरीदने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त पिछले दो वर्षों में 20 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक ने यह आकलन पेश किया है।
एनारॉक के अनुसार, कोविड-19 वैश्विक महामारी का सबसे अधिक असर किफायती आवास खंड पर पड़ा और पिछले दो साल में यह इस आघात से उबर नहीं पाया है।
रियल एस्टेट सलाहकार के मुताबिक, किफायती घरों के खरीदारों की मासिक किस्तें पिछले दो वर्षों में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। तीस लाख रुपये तक के आवासीय ऋण पर ब्याज दरें परिवर्तनशील रही हैं, जो 2021 के मध्य में 6.7 प्रतिशत से बढ़कर अब करीब 9.15 प्रतिशत तक पहुंच गई हैं।
एनारॉक के शोध प्रमुख प्रशांत ठाकुर ने कहा, ‘‘आवासीय ऋण लेने वाले जो ग्राहक जुलाई 2021 में करीब 22,700 रुपये की मासिक किस्त भर रहे थे, वे अब करीब 27,300 रुपये का भुगतान कर रहे हैं। इस तरह उनकी किस्त में प्रति माह 4,600 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। मासिक किस्त में 20 प्रतिशत का उछाल आने से कर्ज पर देय कुल ब्याज राशि करीब 11 लाख रुपये बढ़ गई। यह 2021 में करीब 24.5 लाख रुपये थी जो आज 35.5 लाख रुपये है।’’
उन्होंने कहा कि 20 साल की अवधि में 30 लाख रुपये के कर्ज पर देय कुल ब्याज राशि, मूल कर्ज राशि से भी अधिक हो चुकी है।
एनारॉक ने कहा कि घरों की कुल बिक्री में किफायती घरों की हिस्सेदारी भी वर्ष 2023 की पहली छमाही में घटकर 20 प्रतिशत रह गई है। देश के सात प्रमुख शहरों में इस खंड की हिस्सेदारी पहली छमाही में 18 प्रतिशत पर आ गई जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 23 प्रतिशत थी।
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