ताजा खबरें | लोकसभा में मॉनसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, कार्य उत्पादकता 48 प्रतिशत रही

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. लोकसभा में सोमवार को संसद के मॉनसून सत्र के लिए कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी । इस सत्र के दौरान निचले सदन में 16 बैठकों में 44 घंटे से अधिक कामकाज हुआ और कार्य उत्पादकता 48 प्रतिशत रही।

नयी दिल्ली, आठ अगस्त लोकसभा में सोमवार को संसद के मॉनसून सत्र के लिए कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी । इस सत्र के दौरान निचले सदन में 16 बैठकों में 44 घंटे से अधिक कामकाज हुआ और कार्य उत्पादकता 48 प्रतिशत रही।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने से पहले सदन को जानकारी दी कि इस सत्र में सदन में 16 बैठकें हुईं जिनमें 44 घंटे 29 मिनट कामकाज हुआ।

मानसून सत्र की कार्यवाही को निर्धारित कार्यक्रम से चार दिन पहले स्थगित कर दिया गया । पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सत्र 12 अगस्त तक चलना था ।

लोकसभा सचिवालय के एक वक्तव्य के अनुसार, मॉनसून सत्र में सभा की कार्य उत्पादकता 48 प्रतिशत रही।

बिरला ने कहा कि सत्र के पहले दिन सदन के चार नये सदस्यों ने शपथ ग्रहण किया जिसके साथ अब सभा में एक भी स्थान रिक्त नहीं है।

बिरला ने बताया कि इस सत्र में सदन में छह सरकारी विधेयक पेश किये गये और कुल मिलाकर सात विधेयक पारित किये गये जिनमें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी विधेयक 2022, वन्यजीव संरक्षण संशोधन विधेयक 2022, केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2022 और ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक 2022 शामिल हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि सदन में नियम 377 के तहत 318 विषय उठाये गये और शून्यकाल में अविलंबनीय लोक महत्व के 98 मामले उठाये गये।

उन्होंने कहा कि संसद की स्थायी समितियों की 41 रिपोर्ट पेश की गयीं और मंत्रियों ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर 47 वक्तव्य दिये।

बिरला ने कहा कि 46 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर मंत्रियों ने दिये।

उन्होंने बताया कि सदन में ‘मूल्य वृद्धि’ और ‘खेलों को बढ़ावा दिये जाने की आवश्यकता तथा इस संबंध में सरकार के कदमों’ के विषय पर नियम 193 के तहत दो अल्पकालिक चर्चाएं भी हुईं। महंगाई पर चर्चा में 31 सदस्यों ने भाग लिया जो छह घंटे 25 मिनट तक चली और संबंधित मंत्री के उत्तर के साथ चर्चा संपन्न हुई।

बिरला ने कहा कि गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा 91 विधेयक पेश किये गये जिसमें भाजपा सांसद जनार्दन सिग्रीवाल के ‘अनिवार्य मतदान विधेयक’ को सभा की सहमति से वापस ले लिया गया।

मॉनसून सत्र में लोकसभा की कार्यवाही अधिकतर समय विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण बाधित रही।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने महंगाई, खाद्य पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर सदन में हंगामा किया।

हंगामे के दौरान सदन में तख्तियां दिखाने और आसन की अवमानना के मामले में कांग्रेस के चार सदस्यों को निलंबित भी किया गया जिनका निलंबन बाद में वापस लेने के साथ ही सदन में महंगाई पर चर्चा प्रारंभ हुई।

सत्रहवीं लोकसभा के नौवें सत्र की शुरुआत 18 जुलाई को हुई थी। वंदे मातरम की धुन के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।

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