मजदूरों से नहीं लिये जायें आने-जाने के पैसे: एटक
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नयी दिल्ली, चार मई श्रम संगठन ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) ने सोमवार को कहा कि सरकार को देश भर में फंसे श्रमिकों का यात्रा का पूरा खर्च वहन करना चाहिये।

एटक ने उस आदेश को तत्काल वापस लेने की भी मांग की, जिसमें कहा गया है कि सरकार केवल उन श्रमिकों के आने-जाने की सुविधा प्रदान करेगी जो लॉकडाउन से ठीक पहले कार्यस्थल या गृहनगर में फंस गये थे।

सरकार ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये देश भर में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू किया है।

एटक ने एक बयान में कहा, "एटक इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग करता है। एटक यह भी मांग करता है कि ट्रेनों और बसों के लिये यात्रा शुल्क श्रमिकों से नहीं मांगे जाने चाहिये, क्योंकि पहले ही उनके हाथ खाली हो चुके हैं।’’

संगठन ने कहा, ऐसी खबरें हैं कि उन्होंने (श्रमिकों ने) विभिन्न राज्यों में बस परिवहन ऑपरेटरों को भुगतान करने के लिये कर्ज लिये हैं। इस संकट की स्थिति में सरकार को कम से कम इतनी मदद करनी चाहिये।

उसने कहा, ‘‘एटक गृह मंत्रालय के तीन मई के नये आदेश की निंदा करता है, जिसमें कहा गया है कि सरकार केवल उन फंसे श्रमिकों को आने-जाने की सुविधा देगी जो लॉकडाउन से ठीक पहले काम करने के लिये या कार्यस्थल से गृहनगर गये थे, लेकिन वापस नहीं लौट सके थे।’’

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