देश की खबरें | धनशोधन मामला: अदालत ने झारखंड के मुख्यमंत्री के सहयोगी को छह दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेजा

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रांची, 20 जुलाई विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा को राज्य में कथित अवैध खनन से जुड़े धनशोधन के एक मामले में छह दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया।

संघीय जांच एजेंसी ने मंगलवार को यहां अपने क्षेत्रीय कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था।

ईडी ने मिश्रा को विशेष पीएमएलए अदालत के न्यायाधीश प्रभात कुमार शर्मा के समक्ष पेश किया और उनकी 14 दिन की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि उनका रिमांड ''अपराध से अर्जित आय की पूरी जानकारी...और अवैध कृत्यों के माध्यम से उत्पन्न ऐसे धन के लाभार्थियों की पहचान'' की जांच करने के लिए आवश्यक है।

मिश्रा के वकील ने ईडी के अनुरोध का विरोध करते हुए कहा कि उनका मुवक्किल ''एजेंसी के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है''।

बचाव पक्ष के वकील ने यह भी आग्रह किया कि मिश्रा को उनकी रिमांड अवधि के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान की जाए और वकील से मिलने की अनुमति दी जाए।

अदालत ने मिश्रा को ''मामले की निष्पक्ष और पूर्ण जांच के लिए आवश्यक एवं उचित'' बताते हुए छह दिन के ईडी रिमांड पर भेजने का आदेश दिया और कहा कि ''आरोपी को ईडी की हिरासत में भेजने के लिए पर्याप्त कारण हैं।''

न्यायाधीश ने मिश्रा को दवा और दिन में एक बार अपने वकील से संपर्क करने की भी अनुमति दी।

टोल प्लाजा निविदाओं में कथित अनियमितताओं और अवैध खनन से जुड़े एक मामले में झारखंड के साहिबगंज, बरहेट, राजमहल, मिर्जा चौकी और बरहरवा में कम से कम 19 स्थानों पर संघीय जांच एजेंसी द्वारा छापेमारी के बाद मिश्रा और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ धनशोधन मामले की जांच आठ जुलाई को शुरू की गई थी।

ईडी ने मिश्रा और अन्य के खिलाफ मार्च में पीएमएलए का मामला दर्ज करने के बाद छापेमारी शुरू की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने ''अपने पक्ष में अवैध रूप से बड़ी संपत्ति हड़प ली।''

छापेमारी के बाद ईडी ने मिश्रा और उससे जुड़े एक व्यक्ति दाहू यादव के 37 बैंक खातों में जमा 11.88 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज कर दी थी। इसके अलावा, एजेंसी द्वारा 5.34 करोड़ रुपये की ''बेहिसाब'' नकदी भी जब्त की गई थी और दावा किया कि यह पैसा झारखंड में ''अवैध खनन'' से जुड़ा था।

ईडी ने ''अवैध रूप से'' संचालित किए जा रहे पांच स्टोन क्रशर और ''अवैध बंदूक कारतूस'' भी जब्त किए थे।

ईडी ने कहा, ''जांच के दौरान एकत्र किए गए सबूतों, जिनमें विभिन्न व्यक्तियों के बयान, डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज शामिल हैं, से पता चला है कि जब्त नकदी/बैंक में जमा राशि वन क्षेत्र सहित साहिबगंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किए गए अवैध खनन से प्राप्त हुई है।''

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