देश की खबरें | मोदी ने जगन्नाथ के साथ भारतीय सहयोग से मॉरीशस में बनी सामाजिक आवास परियोजना का उद्घाटन किया

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नयी दिल्ली, 20 जनवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और मॉरीशस के बीच समुद्री सुरक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग ने क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (सागर) की अवधारणा को जमीन पर साकार कर दिखाया है।

उन्होंने यह भी कहा कि विकास के लिए सहयोग का भारत का रुख साझेदार देशों की जरूरतों एवं प्राथमिकताओं का ख्‍याल रखने और उनकी संप्रभुता का सम्मान करने के साथ-साथ लोगों की खुशहाली बढ़ाने और उनकी क्षमताओं को मजबूत करने पर केंद्रित है।

प्रधानमंत्री ने मॉरीशस में भारतीय सहयोग से बनी सामाजिक आवास इकाइयों की परियोजना का डिजिटल माध्यम से अपने समकक्ष प्रविंद जगन्नाथ के साथ संयुक्त रुप से उद्घाटन करने के बाद यह बातें कही।

एक समारोह में दोनों नेताओं ने मॉरीशस में सिविल सर्विस कॉलेज और आठ मेगावाट की सोलर पीवी फार्म परियोजनाओं की भी शुरुआत की। यह परियोजना भी भारत की सहायता से चलायी जा रही है।

इस अवसर पर मेट्रो एक्सप्रेस परियोजना और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भारत से मॉरीशस को 19 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कर्ज सुविधा (एलओसी) देने पर समझौता किया गया। साथ ही छोटी विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) का भी आदान-प्रदान किया गया।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि मॉरीशस पहला देश था जिसे भारत ने वैक्सीन मैत्री के तहत कोविड-19 के टीके भेजे।

उन्होंने प्रसन्नता जताई कि आज मॉरीशस उन देशों में है जिसने अपनी तीन-चौथाई आबादी का पूरी तरह टीकाकरण कर दिया है।

प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने मॉरीशस को वित्तीय सहायता समेत बड़े पैमाने पर सहायता प्रदान करने के लिए भारत को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और मॉरीशस के संबंधों ने नई ऊंचाइयों को हासिल किया है।

जगन्नाथ ने यह भी कहा कि मेट्रो एक्सप्रेस परियोजना के तहत उनकी सरकार ने एक प्रमुख स्टेशन को महात्मा गांधी के नाम पर रखने का फैसला किया है।

ज्ञात हो कि भारत ने मई, 2016 में मॉरीशस सरकार को विशेष आर्थिक पैकेज (एसईपी) के रूप में 35.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर का अनुदान दिया था ताकि मॉरीशस सरकार द्वारा पहचान की गई पांच प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को पूरा किया जा सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मॉरीशस के बीच साझा इतिहास, वंशावली, संस्कृति और के माध्यम से घनिष्ठ संबंध हैं और यह संबंध दोनों देशों के बीच विशेषाधिकार प्राप्त विकास साझेदारी में परिलक्षित होता है।

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