ताजा खबरें | मोदी देश के लोगों में ‘दरार पैदा’ करना चाहते हैं : अब्दुल्ला

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया’) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "लोगों के बीच दरार पैदा करने" के प्रयासों के खिलाफ लड़ रहा है और विपक्षी गठजोड़ भाजपा शासन के दौरान किए गए "गलत कामों को ठीक करेगा।"

श्रीनगर, 25 अप्रैल नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया’) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "लोगों के बीच दरार पैदा करने" के प्रयासों के खिलाफ लड़ रहा है और विपक्षी गठजोड़ भाजपा शासन के दौरान किए गए "गलत कामों को ठीक करेगा।"

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘ निर्वाचन आयोग को बदलना होगा और स्वतंत्र बनाना होगा। न्यायपालिका को स्वतंत्र बनाना होगा क्योंकि अगर लोगों को कहीं और से इंसाफ नहीं मिलता है तो यही वह जगह है जहां लोगों को न्याय मिलता है।”

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “ कई चीजें ठीक करनी होंगी। राज्यपाल उन्हें बनाना है जो दिल्ली की नहीं बल्कि जनता की सेवा कर सकें। कई संस्थानों में कई अयोग्य लोगों को बैठा दिया गया है, लेकिन हमें उन संस्थानों को बचाना है।”

अब्दुल्ला ने कांग्रेस मुख्यालय में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस की संयुक्त रैली को संबोधित किया और बाद में पार्टी कार्यालय में नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार आगा सैयद रुहुल्लाह मेंहदी के श्रीनगर संसदीय सीट से नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद अब्दुल्ला ने इन कार्यक्रमों को संबोधित किया।

उन्होंने कहा, “मैं दुआ करता हूं कि ‘इंडिया’ गठबंधन दिल्ली में कामयाब हो ताकि आंबेडकर का संविधान बच जाए और यह गलत कार्यों को ठीक करेगा।”

अब्दुल्ला ने दावा किया कि संविधान खतरे में है।

अब्दुल्ला के मुताबिक, "आपने देखा कि प्रधानमंत्री ने राजस्थान में क्या कहा। उन्होंने भारतीय संविधान को टुकड़े-टुकड़े करने की कोशिश की। भारतीय संविधान हर किसी को सम्मान देता है।"

उन्होंने मोदी के भाषण को निराशाजनक बताते हुए कहा, “ देश के प्रधानमंत्री को सभी के लिए बोलना है और सभी की रक्षा करनी है... वह एक पिता की तरह हैं। उन्हें धार्मिक आधार पर या खान-पान की आदतों या ओं के आधार पर लोगों के बीच अंतर नहीं करना चाहिए। उन्हें हर किसी की सेवा करनी है चाहे वे उनकी पार्टी के हों या नहीं।”

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