देश की खबरें | ‘मिमिक्री’ जैसे गैर जरूरी मुद्दे पर ‘मोदी तंत्र’ सक्रिय, सांसदों के निलंबन पर चुप: कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल उतारे जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हमले पर बुधवार को यह कहते हुए पलटवार किया कि यह मुद्दा उठा कर 140 से अधिक सांसदों के निलंबन से ध्यान भटकाने के लिए ‘‘हताशा भरा प्रयास’’ किया जा रहा है।

नयी दिल्ली, 20 दिसंबर कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल उतारे जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हमले पर बुधवार को यह कहते हुए पलटवार किया कि यह मुद्दा उठा कर 140 से अधिक सांसदों के निलंबन से ध्यान भटकाने के लिए ‘‘हताशा भरा प्रयास’’ किया जा रहा है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने भी कहा कि एक सांसद द्वारा की गई ‘मिमिक्री’ के गैरजरूरी मुद्दे को हवा देने के लिए पूरा ‘मोदी तंत्र’ सक्रिय है, लेकिन सांसदों के निलंबन पर चुप है।

मुख्य विपक्षी दल ने भाजपा पर उस समय निशाना साधा है जब उपराष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को फोन किया और संसद परिसर में कुछ सांसदों के ‘अशोभनीय आचरण’ पर अत्यंत दुख व्यक्त किया तथा खुद धनखड़ ने सदन में कहा कि उनके समुदाय (जाट) और किसान समाज का अपमान किया गया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि ‘मिमिक्री' (नकल उतारने) का मुद्दा उठाकर सांसदों के निलंबन से ध्यान भटकाने के अंधाधुंध प्रयास हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संसद के इतिहास में आज तक कभी भी इतने बड़े पैमाने पर सांसदों का निलंबन नहीं हुआ है।

रमेश ने 2018 में राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को गले लगाने के बाद लोकसभा में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए भाषण की एक वीडियो क्लिप साझा की और कहा, ‘‘मिमिक्री की बात करने वाले ज़रा याद करें कि किसने किसकी मिमिक्री की थी और वह भी लोकसभा में?’’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘पूरा मोदी तंत्र अब तथाकथित मिमिक्री के गैर जरूरी मुद्दे पर सक्रिय हो रहा है। जबकि यह असली मुद्दे पर चुप है कि मैसूर के एक भाजपा सांसद ने 13 दिसंबर को लोकसभा में दो आरोपियों के प्रवेश क्यों और कैसे कराये, जिन पर अब आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं। पूरी तरह से वैध मांग करने के लिए 142 सांसदों के निलंबन पर भी यह तंत्र चुप है।’’

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘10 अगस्त 2017 को हामिद अंसारी की विदाई का दिन था, जो दस साल के लंबे कार्यकाल के बाद उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति पद से सेवानिवृत्त हो रहे थे। तब यह सबसे चौंकाने वाली बात थी कि प्रधानमंत्री ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित राजनयिकों में से एक अंसारी का मज़ाक उड़ाया, उनकी पहचान को उनके धर्म तक सीमित कर दिया था और वास्तव में आरोप लगाया था कि उनकी संपूर्ण व्यावसायिक और राजनीतिक उपलब्धियां उनकी धार्मिक पहचान के कारण थीं।’’

रमेश ने कहा, ‘‘संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के अपमान की बात करने वाले ऐसे प्रधानमंत्री और उनकी वाह-वाह करने वाले लोग पाखंडी और अवसरवादी हैं। यह संसद से 144 सांसदों के अलोकतांत्रिक निलंबन और 13 दिसंबर को लोकसभा में चौंकाने वाले सुरक्षा उल्लंघन से ध्यान भटकाने के अलावा और कुछ नहीं है।’’

निलंबित सांसदों ने बुधवार को संसद के नए भवन के मकर द्वार पर धरना दिया था। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी ने राज्यसभा के सभापति और लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा, सदनों की कार्यवाही का संचालन किए जाने की नकल उतारी थी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बनर्जी द्वारा कार्यवाही के संचालन की नकल किए जाने का मोबाइल फोन से वीडियो बनाते देखे गए थे।

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