ताजा खबरें | मोदी सत्ता में बने रहने के लिए हिंदुओं में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं: फारूक अब्दुल्ला

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सत्ता में बने रहने के लिए हिंदुओं के बीच डर का माहौल पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि वह अब आम लोगों के मुद्दों पर बात नहीं करते हैं।

श्रीनगर, चार मई नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सत्ता में बने रहने के लिए हिंदुओं के बीच डर का माहौल पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि वह अब आम लोगों के मुद्दों पर बात नहीं करते हैं।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘‘बांटो और राज करो की इस राजनीति’’ से दूर रहने को कहा।

अब्दुल्ला ने लोकसभा चुनाव में नेकां के उम्मीदवार आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी के समर्थन में यहां शहर के खानयार इलाके में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मोदी हिंदुओं में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और इसलिए वह उनसे कह रहे हैं कि आपके मंगलसूत्र छीन लिए जाएंगे तथा मुसलमानों को पैसे देने के लिए उसे बेच दिया जाएगा। क्या हम इतने बुरे लोग हैं कि अपनी मां-बहनों से मंगलसूत्र छीन लेंगे?’’

श्रीनगर से सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री हिंदुओं से कह रहे हैं कि यदि मौजूदा चुनावों के बाद विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ केंद्र की सत्ता में आता है, तो उनकी बचत पर कर लगाया जाएगा और यदि उनके पास दो घर हैं, तो एक छीन लिया जाएगा और मुसलमानों को दे दिया जाएगा।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘वह हिंदुओं में मुसलमानों के प्रति नफरत पैदा कर रहे हैं और फिर कहते हैं कि मुसलमान अधिक बच्चे पैदा करते हैं। बच्चे अल्लाह की देन होते हैं। कई (लोगों) के (बच्चे) नहीं हैं। जब उनकी कोई संतान ही नहीं हैं तो वह बच्चों के बारे में क्या जानते हैं?’’

उन्होंने प्रधानमंत्री पर देश में ‘‘नफरत पैदा करने’’ की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि ‘‘हम इसके खिलाफ हैं’’।

अब्दुल्ला अपने स्वास्थ्य कारणों से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी अब आम लोगों के उन मुद्दों के बारे में बात नहीं करते हैं जिनके सहारे वह 2014 में प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘जब 2014 में वह सत्ता में आए, वह रसोई गैस सिलेंडर की कीमत का मुद्दा उठाया करते थे। उस समय रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 400 रुपये थी। वह महंगाई, बेरोजगारी का मुद्दा उठाया करते थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दस साल हो गए और अब गैस सिलेंडर की कीमत क्या है? यह 1,100 रुपये है। डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं, सब्जियों, मटन आदि की कीमतें बढ़ गई हैं। उन्होंने (मोदी) ऐसे स्मार्ट मीटर लगाए जो बिजली न होने पर भी चलते हैं।’’

उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और ‘‘बांटो और राज करो’’ की राजनीति से दूर रहने को कहा।

जम्मू-कश्मीर की स्थिति का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में सभी शीर्ष अधिकारी बाहरी हैं।

अब्दुल्ला ने मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करते समय इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की जांच करने के लिए भी कहा।

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप वोट करें, यह सुनिश्चित कर लें कि आपने ईवीएम की जांच कर ली है। देखें कि लाइट जलती है या नहीं, ताकि आपका वोट बर्बाद न हो। वीवीपैट की भी जांच करें। सरकारी एजेंट आपको रिश्वत देने की कोशिश करेंगे, लेकिन आपको सतर्क और ईमानदार रहना होगा।’’

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