नयी दिल्ली, 12 मई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में बने उत्पादों के इस्तेमाल की यह कहते हुए पैरवी की कि कोरोना वायरस महमारी ने स्थानीय विनिर्माण, स्थानीय बाजार और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला का महत्व सिखा दिया है।
उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, ‘‘ संकट के इस समय में इसी लोकल ने हमारी मांग पूरी की, इसी लोकल ने हमें बचाया है। लोकल बस जरूरत नहीं है, बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी है। ’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से हर भारतीय को अपने लोकल के लिए मुखर होना हागा, उसे न केवल लोकल चीजें खरीदने के लिए बल्कि गर्व से उसे बढ़ावा देने के लिए भी मुखर होना होगा। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘ वैश्विक ब्रांड भी कभी इसी तरह लोकल थे। लेकिन जब लोगों ने उनका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, वे उन्हें बढ़ावा देने लगे, उनकी ब्रांडिंग करने लगे और उन पर गर्व महसूस करने लगे, वे लोकल प्रोडक्ट से वैश्विक बन गये।’’
मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि देश ऐसा कर सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘आपके प्रयासों से हर बार आपके प्रति मेरा सम्मान बढ़ गया है... जब मैंने आपसे खादी खरीदने का अनुरोध किया... यह भी कहा गया था कि देश के हैंडलूम श्रमिकों का साथ दिया जाए। खादी और हैंडलूम की मांग और बिक्री कुछ ही समय में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी। इतना ही नहीं, आपने उसे बड़ा ब्रांड बना दिया है। बस छोटी सी कोशिश थी और परिणाम अच्छा रहा ।’’
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