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जरुरी जानकारी | मोबाइल कंपनियों ने पीएलआई योजना के तहत जतायी 11,000 करोड़ रुपये निवेश की प्रतिबद्धता : आईसीईए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मोबाइल हैंडसेट विनिर्माता कंपनियों के संगठन आईसीईए ने शनिवार को कहा कि कंपनियों ने मोबाइल फोन के घरेलू विनिर्माण से संबद्ध उत्पादन प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी है। इससे देश में मोबाइल फोन का विनिर्माण बढ़कर दो से ढाई गुना हो जाने का अनुमान है।

जरुरी जानकारी | मोबाइल कंपनियों ने पीएलआई योजना के तहत जतायी 11,000 करोड़ रुपये निवेश की प्रतिबद्धता : आईसीईए

नयी दिल्ली, एक अगस्त मोबाइल हैंडसेट विनिर्माता कंपनियों के संगठन आईसीईए ने शनिवार को कहा कि कंपनियों ने मोबाइल फोन के घरेलू विनिर्माण से संबद्ध उत्पादन प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी है। इससे देश में मोबाइल फोन का विनिर्माण बढ़कर दो से ढाई गुना हो जाने का अनुमान है।

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) एप्पल, फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन, लावा इत्यादि कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रतिनिधि संस्था है।

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सैमसंग, विस्ट्रॉन, पेगाट्रॉन, फॉक्सकॉन और होन हे जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ-साथ लावा, डिक्सॉन, माइक्रोमैक्स, पैजेट इलेक्ट्रॉनिक्स, सोजो, यूटीएल और ऑप्टिमस जैसी घरेलू कंपनियों ने भी पीएलआई के तहत आवेदन किया है। इन कंपनियों ने अगले पांच साल में 11 लाख करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन विनिर्माण का लक्ष्य रखा है।

आईसीईए के अनुसार इन कंपनियों के घरेलू विनिर्माण करने से देश में 27.5 लाख करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन का उत्पादन होने का अनुमान है।

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दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने शनिवार को घोषणा की कि पीएलआई के तहत देशी-विदेशी कुल 22 कंपनियों ने आवेदन किया है। इससे करीब 12 लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

आईसीई के चेयरमैन पंकज महिंद्रू ने एक बयान में कहा कि पीएलआई के तहत कंपनियों ने कुल 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी है। इसमें 11.50 लाख करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन का विनिर्माण किया जाना है। इसका 60 प्रतिशत निर्यात किया जाएगा। इससे करीब तीन लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।

उन्होंने इसे सरकार की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान के लक्ष्यों को पाने की प्रतिबद्धता बताया।

महिंद्रू ने कहा कि इससे घरेलू स्तर पर विनिर्मित होने वाले मोबाइल फोन का मूल्यवर्धन बढ़कर 35-40 प्रतिशत हो जाएगा। यह अभी 15 से 20 प्रतिशत है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 01, 2020 10:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).