जरुरी जानकारी | नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पीएम-कुसुम योजना के लिये फर्जी वेबससाइट के प्रति जनता को आगाह किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना के तहत पंजीकरण का दावा करने वाले फर्जी वेबसाइटों के खिलाफ नए परामर्श जारी किये। मंत्रालय ने इस तरह की फर्जी वेबसाइटों के प्रति आम जनता को आगाह किया है।
नयी दिल्ली, 10 जुलाई नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना के तहत पंजीकरण का दावा करने वाले फर्जी वेबसाइटों के खिलाफ नए परामर्श जारी किये। मंत्रालय ने इस तरह की फर्जी वेबसाइटों के प्रति आम जनता को आगाह किया है।
मंत्राालय के बयान के अनुसार हाल में देखा गया है कि दो नई वेबसाइटों ने अवैध रूप से पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा किया है। इनके पते एचटीटीपीएस://कुसुम-योजना.को.इन और एचटीटीपीएस://डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.ऑनलाइनकुसुमयोजना.को.इन हैं।
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बयान में कहा गया है कि इन वेबसाइटों के पीछे रहने वाले शरारती लोग आम जनता को धोखा दे रहे हैं और इन फर्जी पोर्टल्स के माध्यम से आम लोगों के आंकड़ों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा कि वह इन वेबसाइटों को संचालित करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। मंत्रालय द्वारा सभी संभावित लाभार्थियों और आम जनता को सूचित किया जाता है कि इन वेबसाइटों पर पैसा जमा करने या आंकड़े देने से बचें।
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बयान में समाचार पोर्टलों को भी डिजिटल या प्रिंट प्लेटफॉर्म पर प्रकाशन से पूर्व उन वेबसाइटों की प्रामाणिकता की जांच करने की भी सलाह दी गयी है जो सरकारी योजनाओं के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा करते हैं।
योजना में भागीदारी के लिए पात्रता और कार्यान्वयन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी एमएनआरई की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इच्छुक व्यक्ति एमएनआरई की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं या हेल्प लाइन नंबर 1800-180-3333 (टोल फ्री) पर कॉल कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि मंत्रालय ने कुसुम योजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति आठ मार्च, 2019 को जारी की थी। योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश 22 जुलाई, 2019 को जारी किए गए थे।
इस योजना में सौर पंपों की स्थापना, मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर पंप में बदलना और ग्रिड से जुड़े नवीकरणीय बिजली संयंत्रों की स्थापना के प्रावधान हैं।
योजना के शुभारंभ के बाद, यह देखा गया है कि कुछ वेबसाइटों ने पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा किया है। मंत्रालय ने आम लोगों को किसी भी नुकसान से बचाने के लिए, पहले 18 मार्च, 2019 और तीन जून, 2020 को परामर्श जारी किये।
बयान में मंत्रालय ने सभी पक्षों को सूचित किया है कि संबंधित राज्यों में कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से पीएम-कुसुम योजना लागू की जा रही है। इन एजेंसियों का विवरण एमएनआरई की वेबसाइट-डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एमएनआरई.गॉव.इन पर उपलब्ध है।
बयान के अनुसार एमएनआरई अपनी किसी भी वेबसाइट के माध्यम से योजना के तहत लाभार्थियों को पंजीकृत नहीं करता है और इसलिए इस योजना के लिए एमएनआरई के पंजीकरण पोर्टल होने का दावा करने वाला कोई भी पोर्टल निश्चित रूप से भ्रामक और फर्जी है।
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