मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से बिना स्वीकृति चलने वाले पाठ्यक्रमों को मान्यता दी
निशंक ने कहा कि उनके मंत्रालय ने केंद्र और राज्य सरकार के संस्थानों द्वारा पूर्वव्यापी कुछ शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों को नियमित करने के लिए दो राजपत्र अधिसूचनाएं निकाली हैं। इन कार्यक्रमों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से बिना किसी औपचारिक मान्यता के चलाया जा रहा था।
नयी दिल्ली,15 मई मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से अनुमोदन के बिना संचालित शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रमों को पूर्वव्यापी मान्यता प्रदान की है। मंत्रालय के इस कदम से 13,000 से अधिक छात्रों और 17,000 से ज्यादा पढ़ा रहे शिक्षकों को राहत मिलेगी। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को इस आशय की जानकारी दी है।
निशंक ने कहा कि उनके मंत्रालय ने केंद्र और राज्य सरकार के संस्थानों द्वारा पूर्वव्यापी कुछ शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों को नियमित करने के लिए दो राजपत्र अधिसूचनाएं निकाली हैं। इन कार्यक्रमों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से बिना किसी औपचारिक मान्यता के चलाया जा रहा था।
मंत्री ने कहा कि यह फैसला उन छात्रों के हित में लिया गया है जिनके इसमें नुकसान होने की संभावना थी।
निशंक ने कहा कि हमने केंद्र और राज्य सरकार के कुछ संस्थानों द्वारा पूर्वव्यापी शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों को नियमित करने के लिए गजट अधिसूचना जारी की है। ये कार्यक्रम एनसीटीई से बिना किसी औपचारिक मान्यता के आयोजित किए जा रहे हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि संशोधन केवल शैक्षणिक सत्र 2017-2018 तक पूर्वव्यापी मान्यता प्राप्त करने की अनुमति देता है। इसमें केवल अतीत में छात्रों द्वारा अर्जित योग्यता को नियमित किया गया है।
बहरहाल, एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य भविष्य में गैर-मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों को चलाने के लिए संस्थानों को खुला छोड़ना नहीं है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2020 10:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

