बेंगलुरु, 18 नवंबर कर्नाटक मंत्रिमंडल ने राज्य में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षण को बढ़ाने के विषय पर गौर करने करने के लिए एक उपसमिति बनाने का बुधवार को निर्णय लिया।
कानून एवं ससदीय कार्य मंत्री जे सी मध्यस्वामी ने कहा, ‘‘ कई साल पहले अनुसूचित जाति/जनजाति आरक्षण कोटा तय किया गया था, अब जनसंख्या बढ़ गयी है और ऐसे में विभिन्न वर्गों की ओर से उसे संशोधित करने की मांग भी है।’’
यह भी पढ़े | रंग लाई पीएम मोदी की पहल, 27 लाख से ज्यादा ठेले और रेहड़ी-पटरीवालों ने मांगा लोन.
उन्होंने कहा, ‘‘ अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षण बढ़ाने के विषय पर चर्चा के लिए मंत्रिमंडल की एक उपसमिति बनाने का निर्णय लिया गया है।’’
यहां मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को समिति के सदस्यों को चुनने का अधिकार दिया गया है।
मध्यस्वामी ने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री एक सप्ताह में इस उपसमिति की घोषणा करेंगे। समिति इसपर विस्तृत चर्चा करेगी कि किन श्रेणियों को आरक्षण में वृद्धि दी जानी चाहिए। उसके बाद समिति यथाशीघ्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।’’
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण वर्तमान 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण तीन प्रतिशत से बढ़ाकर सात प्रतिशत करने की मांग उठती रही है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY