जयपुर, 21 जुलाई राजस्थान के राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने महिला सुरक्षा और उन पर अत्याचार के मुद्दे पर विधानसभा में अपनी ही पार्टी की सरकार पर सवाल उठाया।
राजस्थान विधानसभा में राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी विधेयक 2023 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायकों ने मणिपुर में हिंसा के मुद्दे पर तख्तियां लहराईं।
मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा ''राजस्थान में, ये सच्चाई है कि हम महिलाओं की सुरक्षा में असफल हो गए, और राजस्थान में जिस तरह से अत्याचार बढ़े हैं महिलाओं के ऊपर, मणिपुर के बजाय हमें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।''
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में राजस्थान पहले नंबर पर है।
राठौड़ ने बाद में ट्वीट में कहा ‘‘राजस्थान में बहन-बेटियों के ऊपर हो रहे अत्याचारों व दुष्कर्म की असलियत स्वयं सरकार के मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा बता रहे हैं।
संविधान के आर्टिकल 164(2) के अनुसार मंत्रिमंडल सामूहिक उत्तरदायित्व के आधार पर काम करता है और एक मंत्री का बयान पूरे मंत्रिमंडल यानी सरकार का माना जाता है।’’
उन्होंने आगे कहा ‘‘मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी, हमारी नहीं तो कम से कम अपने मंत्री के बयान पर तो संज्ञान लो। गृहमंत्री के रूप में लचर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी तो संभाल लो।’’
इस पर संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने आंकड़ों के साथ सदन को बताया है कि भाजपा शासनकाल में महिलाओं पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुए हैं।
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