देश की खबरें | अवैध धन हस्तांतरण मामले में मंत्री बी नागेंद्र को तलब किया जाएगा : शिवकुमार

बेंगलुरु, 30 मई कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री बी. नागेंद्र को तलब किया जाएगा और अवैध धन हस्तांतरण मामले और एक अधिकारी की मौत के संबंध में उनके खिलाफ लगे आरोपों के बाद उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया इस मामले को बहुत गंभीरता से देख रहे हैं और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम के बैंक खाते से 88.62 करोड़ रुपये का अनधिकृत हस्तांतरण तब प्रकाश में आया, जब लेखा अधीक्षक चंद्रशेखर पी. ने रविवार शाम को एक नोट लिखकर आत्महत्या कर ली।

उन्होंने नोट में निगम के प्रबंध निदेशक जे जी पद्मनाभ, लेखा अधिकारी परशुराम जी दुरुगनवर और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य प्रबंधक सुचिस्मिता रावल का नाम लिया है, साथ ही यह भी कहा है कि मंत्री ने धन हस्तांतरित करने के लिए मौखिक आदेश जारी किए थे।

विपक्षी भारतीय जनता पार्टी मंत्री के इस्तीफे और मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग कर रही है।

इस बीच, गृह मंत्री परमेश्वर ने मृतक अधिकारी के परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

संवाददाताओं से बातचीत में यहां शिवकुमार ने कहा, “इस्तीफा मांगना विपक्ष का कर्तव्य है, वे मांगेंगे। हम निश्चित रूप से इस पर गौर करेंगे। मैंने प्राथमिकी देखी है। मुख्यमंत्री भी इसे बहुत गंभीरता से देख रहे हैं, हम (नागेंद्र से) बुलाकर बात करेंगे। हम देखेंगे कि क्या सच है और क्या झूठ।”

उन्होंने कहा कि सिर्फ इसलिए कि किसी ने बिना किसी सबूत के आरोप लगा दिए हैं, हम प्रतिक्रिया नहीं दे सकते।

उन्होंने कहा, “अगर किसी ने गलत किया है तो गलत है, इसमें कोई शक नहीं है। हमने अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मांगी है और अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मैं यह नहीं कह रहा कि निलंबन से सब ठीक हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे विविध रूप से लिया है। चाहे बैंक हो या अधिकारी या कोई भी हो, कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

चंद्रशेखर की मौत के बाद दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पहली प्राथमिकी उनके मृत्यु नोट में दर्ज तीन लोगों के खिलाफ थी, और दूसरी प्राथमिकी कथित धोखाधड़ी के लिए छह बैंक अधिकारियों के खिलाफ थी।

शिवकुमार ने कहा, इस मामले में मंत्री नागेंद्र का कोई सीधा संदर्भ नहीं है। हम इसकी जांच कर रहे हैं, किसी को बचाने का सवाल ही नहीं उठता। यह करोड़ों रुपए का मामला है।

उन्होंने कहा, “मैंने प्राथमिकी देखी है। हमने विस्तृत जानकारी के लिए अपने अधिकारियों से संपर्क किया है, हमें कुछ जानकारी मिल जाएगी। हम मंत्री को भी तलब करेंगे, हमें निष्पक्ष सुनवाई का मौका मिलना चाहिए। देखते हैं।”

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