रांची, 29 मई झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि लेह से रवाना हुए राज्य के प्रवासी श्रमिक दिल्ली तक पहुंच गये हैं और उन्हें रांची लाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अंडमान निकोबार में फंसे राज्य के प्रवासियों को भी वापस लाने के कार्य में राज्य सरकार जुटी हुई है।
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सोरेन ने ट्वीट किया कि हवाई मार्ग द्वारा लेह से आने वाले राज्य के श्रमिक दिल्ली हवाई अड्डे तक पहुंच चुके हैं, जहां राज्य सरकार के अधिकारी द्वारा उनकी मदद की जा रही है।
उन्होंने कहा कि समयानुसार सभी श्रमिक आज दिल्ली से रांची पहुंच जायेंगे।
इस बीच मुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से बातचीत में दोहराया कि उनकी सरकार अंडमान निकोबार में फंसे राज्य के प्रवासियों को लाने के लिए भी प्रयासरत है।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार विशेष उड़ान के माध्यम से इन
श्रमिकों को वापस लाने के लिए केन्द्र से अनुमति मांग चुकी है।
उन्होंने कहा कि एक मई को राज्य के लिए पहली विशेष श्रमिक ट्रेन से यात्री रांची आये थे जिसके बाद से राज्य में कुल चार लाख से अधिक प्रवासी देश के विभिन्न हिस्सों से यहां लौट चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य इन प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य बेरोजगारों को
रोजगार उपलब्ध कराने के लिए झारखंड में दस लाख रोजगार के नये अवसर पैदा करने के लिए योजना बना रही है।
सोरेन ने झारखंड में लॉकडाउन बढ़ाने के बारे में पूछे जाने पर
कहा कि इस संबंध में फैसला स्थितियों को देखते हुए लिया जायेगा।
इससे पूर्व सुबह सोरेन ने ट्वीट किया था,‘‘हम अपने प्रवासी कामगारों को सुरक्षित घर लौटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसी क्रम में लेह में फंसे साठ श्रमिकों को वापस लाने की व्यवस्था सरकार ने कर ली है और आज से वे राज्य में विभिन्न विमानों से लौटना प्रारंभ कर देंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस कार्य में सहयोग के लिए लद्दाख प्रशासन, स्पाइस जेट, इंडिगो और सीमा सड़क संगठन की पूरी टीम को धन्यवाद।’’
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