देश की खबरें | धन के अभाव में मिजोरम में मध्याह्न भोजन योजना हो सकती है प्रभावित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मिजोरम के विद्यालयी शिक्षकों के दो संघों ने आशंका जताई है कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने में सरकार की कथित विफलता के कारण शीघ्र ही विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन मिलना बंद हो जाएगा।

आइजोल, 15 अक्टूबर मिजोरम के विद्यालयी शिक्षकों के दो संघों ने आशंका जताई है कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने में सरकार की कथित विफलता के कारण शीघ्र ही विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन मिलना बंद हो जाएगा।

मिजोरम प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ (एमपीएसटीए) और मिजोरम मध्य विद्यालय शिक्षक संघ (एमएमएसटीए) ने हाल में स्कूल शिक्षा विभाग को एक संयुक्त पत्र भेजकर कहा है कि वे 18 अक्टूबर से मध्याह्न भोजन देना बंद कर देंगे क्योंकि उनके लिए रसोइयों को भुगतान एवं भोजन पकाने की लागत वहन कर पाना संभव नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि रसोइयों को चार महीने के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक लालसांगलियाना ने कहा कि उनका कार्यालय इस मुद्दे का समाधान करने के लिए शिक्षक संघों के संपर्क में है।

उन्होंने कहा कि सरकार को धनराशि वितरित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि केंद्र ने चालू शैक्षणिक सत्र के लिए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) कार्यक्रम के तहत मध्याह्न भोजन निधि की पहली किस्त अभी तक जारी नहीं की है।

संघों ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर 17 सितंबर को शिक्षा मंत्री डॉ. वनलालथलाना से चर्चा की थी और शिक्षा विभाग के निदेशक से भी मुलाकात की थी, लेकिन मामला हल नहीं हुआ।

सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2024 से रसोइयों का मानदेय 1,500 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया है।

सूत्रों ने बताया कि शिक्षक संघों द्वारा एक अक्टूबर से कार्यक्रम बंद करने की धमकी दिये जाने के बाद सरकार ने पहले दो महीनों - अप्रैल और मई - का मानदेय अक्टूबर के प्रारंभ में दे दिया ।

पत्र में एमपीएसटीए और एमएमएसटीए ने सरकार से 18 अक्टूबर तक या उससे पहले उनके मुद्दे का समाधान करने की अपील की।

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