नयी दिल्ली, 29 अप्रैल दिल्ली के महरौली हत्याकांड की पीड़ित श्रद्धा वालकर के पिता विकास वालकर ने शनिवार को मामले की सुनवायी त्वरित गति से करने की मांग की ताकि वह अपनी बेटी का अंतिम संस्कार कर सकें।
गौरतलब है कि आफताब अमीन पूनावाला पर अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर की गला घोंटकर हत्या करने और उसके शव के टुकड़े करने का आरोप है।
दिल्ली की एक अदालत ने आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला नौ मई के लिए निर्धारित किया। इसके बाद विकास वालकर ने यहां पत्रकारों से कहा कि यदि एक महीने के भीतर मामले की त्वरित गति से सुनवायी नहीं की गई तो वह भूख हड़ताल करेंगे।
अदालत ने वालकर के पिता की उस अर्जी पर सुनवाई भी नौ मई तक के लिए स्थगित कर दी, जिसमें न्यायाधीश से आग्रह किया गया था कि परंपरा और संस्कृति के अनुसार महिला के अवशेषों को अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंप दिया जाए।
विकास ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मामले का जल्द निस्तारण होगा। हम मामले में सुनवायी में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं। मैं अभी तक अपनी बेटी का अंतिम संस्कार नहीं कर पाया हूं। मई में, उसकी मृत्यु को एक साल हो जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य प्राथमिकता अपनी बेटी का अंतिम संस्कार करना है और यह कि न्याय हो। उन्होंने कहा, ‘‘यदि एक महीने के भीतर मामले का त्वरित निस्तारण नहीं किया गया तो मैं भूख हड़ताल शुरू करूंगा... मैं चाहता हूं कि उसे (पूनावाला को) जल्द से जल्द फांसी दी जाए।’’
विकास ने कहा कि वह दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करके सुनवायी में तेजी लाने का अनुरोध करेंगे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल पाहुजा ने यह कहते हुए मामले को स्थगित कर दिया कि संबंधित न्यायाधीश छुट्टी पर हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीषा खुराना कक्कड़ ने 15 अप्रैल को अभियोजन पक्ष के साथ-साथ आरोपी के वकीलों की ओर से आरोप तय करने पर दलीलें सुनने के बाद आदेश शनिवार के लिए सुरक्षित रख लिया था।
पूनावाला ने पिछले साल 18 मई को वालकर की कथित रूप से गला घोंट कर हत्या कर दी थी और उसके शव के टुकड़े करके दक्षिण दिल्ली के महरौली स्थित अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक फ्रिज में रखा था।
पकड़े जाने से बचने के लिए उसने शव के टुकड़ों को राष्ट्रीय राजधानी में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया था।
दिल्ली पुलिस ने पूनावाला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज किया है।
दिल्ली पुलिस ने 24 जनवरी को मामले में 6,629 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY