देश की खबरें | महबूबा मुफ्ती का संघर्ष करने का संकल्प, आवास पर कार्यकर्ताओं का तांता लगा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

श्रीनगर, 14 अक्टूबर पिछले साल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के ज्यादातर वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी छोड़ दी थी और उसके बाद इसके भविष्य को लेकर प्रश्नचिह्न लगाए जाने लगे थे। लेकिन पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की मंगलवार रात रिहाई के बाद उनके आवास पर कार्यकर्ताओं के तांता से नयी उम्मीदें दिखने लगी हैं।

महबूबा को 14 महीनों के बाद रिहा किया गया है।

यह भी पढ़े | Maharashtra ‘Mission Begin Again’ Fresh Guidelines: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, कल से Metro ट्रेन सेवा शुरू करने की मिली इजाजत, धार्मिक स्थल पर पाबंदी जारी.

बुधवार को महबूबा के आधिकारिक निवास फेयरव्यू बंगला पर कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। अपनी नेता से मिलने की उम्मीद में आए कार्यकर्ताओं में वृद्ध भी शामिल थे। महबूबा के प्रशंसक उन्हें ‘‘आयरन लेडी ऑफ कश्मीर’’ कह रहे हैं।

पार्टी अध्यक्ष ने मिलने वाले कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया कि वह संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Elections 2020: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने जारी की 35 उम्‍मीदवारों की तीसरी सूची, यहां देखें पूरी लिस्ट.

पीडीपी पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर राज्य की पहली और आखिरी महिला मुख्यमंत्री महबूबा की छवि को बेहतर बनाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रही है और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उनकी मुलाकातों के वीडियो और तस्वीरें पोस्ट की जा रही हैं।

अपनी नेता से मिलने आए कार्यकर्ताओं में दक्षिण कश्मीर के नूर मोहम्मद भी शामिल थे जो बुढ़ापे के कारण मुश्किल से खड़े हो पा रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सुबह छह बजे घर से निकला ताकि अपनी बहन और नेता महबूबा जी से मिलने के बाद ही लौटूं। उनके पिता (दिवंगत मुफ्ती मोहम्मद सईद) धन्य थे, वह भी ऐसी ही हैं।"

महबूबा के घर के बाहर का दृश्य पिछले साल के ठीक विपरीत था जब एक के बाद एक नेता पीडीपी को छोड़ रहे थे। उन नेताओं ने बाद में अल्ताफ बुखारी के साथ हाथ मिलाया जो पूर्व मंत्री और पीडीपी अध्यक्ष के करीबी सहयोगी थे। बुखारी ने बाद में अपनी अलग पार्टी बना ली।

अनंतनाग जिले के पार्टी कार्यकर्ता बशीर अहमद ने पीडीपी अध्यक्ष से मुलाकात के बाद कहा, "महबूबा जी को सबसे लंबे समय तक हिरासत में रखा गया था। इससे पता चलता है कि केंद्र की भाजपा सरकार आम लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता से कितनी भयभीत है।"

पार्टी के कई नेताओं ने उनके समर्थन में ट्वीट किया।

इस बीच महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया। महबूबा ने कहा कि पिछले साल पांच अगस्त का केंद्र का फैसला ‘‘दिनदहाड़े लूट’’ थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)