देश की खबरें | मेघालय के मंत्री ने जनप्रतिनिधियों से किया स्कूल बुनियादी ढांचा सुधार में सहयोग करने का आग्रह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मेघालय सरकार द्वारा स्कूलों के बुनियादी ढांचे का उन्नयन करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू करने के बीच शिक्षा मंत्री रक्कम ए संगमा ने मंगलवार को कहा कि अकेले राज्य द्वारा किये जा रहे प्रयास पर्याप्त नहीं हैं और उन्होंने सभी 60 विधायकों तथा दो सांसदों से इस प्रयास में सक्रिय रूप से योगदान देने का आग्रह किया।
शिलांग, 22 जुलाई मेघालय सरकार द्वारा स्कूलों के बुनियादी ढांचे का उन्नयन करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू करने के बीच शिक्षा मंत्री रक्कम ए संगमा ने मंगलवार को कहा कि अकेले राज्य द्वारा किये जा रहे प्रयास पर्याप्त नहीं हैं और उन्होंने सभी 60 विधायकों तथा दो सांसदों से इस प्रयास में सक्रिय रूप से योगदान देने का आग्रह किया।
उदाहरण देते हुए संगमा ने दावा किया कि उन्होंने दक्षिण गारो हिल्स जिले में अपने रोंगारा-सिजू विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से प्रत्येक स्कूल पर दो लाख रुपये खर्च कर 45 स्कूलों का जीर्णोद्धार किया है।
उन्होंने कहा, "यदि प्रत्येक विधायक प्रति वर्ष 50 स्कूलों की देखभाल करे, तो हम बुनियादी ढांचे में वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं।"
उन्होंने जिला परिषदों के सदस्यों सहित अन्य जन प्रतिनिधियों से सार्थक विकास की दिशा में काम करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, "आइए दोषारोपण का खेल न खेलें। उंगली उठाने के बजाय, आइए हम साथ मिलकर काम करें।"
अधिकारियों ने बताया कि मेघालय में प्रत्येक विधायक को विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमएलए-एलएडीएस) के तहत ढाई करोड़ रुपये का वार्षिक आवंटन मिलता है, जो उनके निर्वाचन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों के लिए है।
उन्होंने कहा कि इन निधियों का इस्तेमाल स्कूलों की मरम्मत, जल आपूर्ति, ग्रामीण सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित कई क्षेत्रों में किया जा सकता है।
राज्य सरकार ने ‘मिशन एजुकेशन’ कार्यक्रम के तहत अगले दो वर्षों में 2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों की मरम्मत और उन्नयन के लिए व्यापक योजना शुरू की है, जिसमें प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूल शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा कि इस साल ही 200 सरकारी प्राथमिक स्कूलों के उन्नयन के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, और 300 और स्कूलों की भविष्य में मरम्मत के लिए पहचान की गई है।
उन्होंने कहा कि लगभग 90 प्रतिशत स्कूलों की मरम्मत या निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है या चल रहा है, जबकि लगभग 100-200 स्कूलों को अभी मंजूरी मिलनी बाकी है।
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