विज्ञापन को लेकर विवाद गहराने पर मेरठ के अस्पताल ने मांगी माफी, संचालक पर मामला दर्ज
विज्ञापन में कोरोना वायरस महामारी को लेकर मुस्लिम समुदाय पर आरोप लगाया गया था जबकि हिंदू और जैन समुदाय के ज्यादातर लोगों को ‘कंजूस’ बताया गया था।
मेरठ, 19 अप्रैल उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में एक अस्पताल के अखबार में छपे विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि, मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस ने संबंधित अस्पताल के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन में कोरोना वायरस महामारी को लेकर मुस्लिम समुदाय पर आरोप लगाया गया था जबकि हिंदू और जैन समुदाय के ज्यादातर लोगों को ‘कंजूस’ बताया गया था।
मेरठ के इंचौली थाना के प्रभारी ब्रिजेश कुमार सिंह ने रविवार को बताया कि घटना के संबंध में संबंधित अस्पताल के संचालक अमित जैन के खिलाफ मामला दर्ज करके आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
वहीं मेरठ के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राज कुमार से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा,‘‘ निश्चित ही यह गलत है और हम इस मामले में संबंधित अस्पताल प्रशासन को नोटिस भेज रहे हैं। जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’’
इस बीच, विवाद बढ़ जाने पर वेलेन्टिस कैंसर अस्पताल ने आज फिर से अखबार में विज्ञापन देकर कहा है, ‘‘अगर किसी की भावना को तनिक भी ठेस पहुंची हो तो हम क्षमा प्रार्थी हैं।’’
अखबार में प्रकाशित अस्पताल के स्पष्टीकरण में कहा गया है,‘‘हमारी इस वैश्विक आपदा में सभी धर्मों (मुस्लिम, हिंदू, जैन, सिख, ईसाई) के लोगों के साथ मिल-जुलकर लड़ने का आग्रह करने की रही। किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की हमारी मंशा कभी नहीं रही है। अगर हिंदू/मुस्लिम/जैन/सिख/ईसाई समाज में किसी की भावना को ठेस पहुंची है, तो भी हम दिल से खेद प्रकट करते हैं।’’
हिंदुओं और जैन समाज के लोगों को ‘कंजूस’ बताने के बारे में स्पष्टीकरण में अस्पताल ने कहा है, ‘‘सर्वविदित और वास्तविकता भी है कि हिंदू/जैन समाज सदा से ही सामाजिक उत्तरदायित्व व दान-पुण्य के कार्य में अग्रणी रहा है। हमारा अभिप्राय भी यही था। त्रुटिवश कुछ गलत संदेश चला गया है, जिसका हम खंडन करने के साथ ही हृदय से खेद व्यक्त करते हुए क्षमा मांगते हैं।’’
इस बारे में संबंधित अस्पताल प्रशासन से भी सम्पर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी सम्पर्क नहीं हो सका है।
दरअसल अस्पताल ने 17 अप्रैल को कोरोना वायरस संक्रमण पर एक समाचार पत्र में विज्ञापन छपवाया था जिसमें भारत में कोरोना वायरस फैलने के लिए तबलीगी जमात को जिम्मेदार ठहराया गया। इसके अतिरिक्त विज्ञापन में अस्पताल में मुसलमानों को भर्ती करने पर दिशा-निर्देश जारी किया।
अस्पताल ने अखबार में विज्ञापन देकर यह कहा था कि कोरोना महामारी को देखते हुए यह अस्पताल मुस्लिम रोगियों से अनुरोध करता है कि यदि उन्हें अस्पताल आना हो, तो खुद और एक तीमारदार की जांच कराएं। जांच रिपोर्ट निगेटिव हो, तभी अस्पताल आएं।
विज्ञापन में आर्थिक रूप से संपन्न ज्यादातर हिन्दुओं और जैनियों को कंजूस बताया गया था। विज्ञापन में लिखा था,‘‘ हम हिंदू-जैन परिवारों जिसमें अधिकांश कंजूस है से भी आग्रह करते हैं कि वह भी पीएम केयर्स फंड में सहयोग दें।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 19, 2020 05:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

