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चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनियों ने वित्तीय मदद, लंबित भुगतान तत्काल करने की मांग की

संगठन ने एक बयान में कहा कि लगातार वित्तीय और लॉजिस्टिक अड़चनें इस क्षेत्र के लिये परिचालन कर पाना मुश्किल बना रही हैं। उसने कहा कि देश में कोरोना वायरस महामारी के प्रबंधन के लिये चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति एक आवश्यक सेवा है, लेकिन लगातार वित्तीय और लॉजिस्टिक्स की अड़चनें इस क्षेत्र के लिये परिचालन की चुनौतियां पैदा कर रही हैं।

चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनियों ने वित्तीय मदद, लंबित भुगतान तत्काल करने की मांग की
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नयी दिल्ली, चार मई चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनियों के संगठन मेडिकल टेक्नोलॉजी एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने परिचालन जारी रखने के लिये लंबित भुगतान और कर छूट तत्काल जारी करने की सोमवार को मांग की।

संगठन ने एक बयान में कहा कि लगातार वित्तीय और लॉजिस्टिक अड़चनें इस क्षेत्र के लिये परिचालन कर पाना मुश्किल बना रही हैं। उसने कहा कि देश में कोरोना वायरस महामारी के प्रबंधन के लिये चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति एक आवश्यक सेवा है, लेकिन लगातार वित्तीय और लॉजिस्टिक्स की अड़चनें इस क्षेत्र के लिये परिचालन की चुनौतियां पैदा कर रही हैं।

उसने कहा, ‘‘केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना जैसी योजनाओं में पंजीकृत सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का लंबित भुगतान सरकार से शीा्र जारी करने का आग्रह करते हैं। इनका कुल बकाया अभी 1,700 करोड़ रुपये के करीब है।’’

संगठन ने कहा कि ऐसे मामले हैं जहां भुगतान पांच साल से अधिक समय से लंबित है। भुगतान जारी करने से स्वास्थ्य सेवा उद्योग में आवश्यक नकदी का प्रवाह होगा।

संगठन ने सरकार से नकदी की चुनौतियों से निपटने के लिये चिकित्सा उपकरण उद्योग को कर और शुल्क छूट (जीएसटी, मूल सीमा शुल्क) देने पर विचार करने का भी आग्रह किया।

एमटीएएल ने कहा, "सरकार को सभी चिकित्सा उपकरणों पर या कम से कम कोरोना वायरस के मरीजों के उपचार में इस्तेमाल हो रहे उपकरणों पर पांच प्रतिशत स्वास्थ्य उपकर को रद्द करना चाहिये।’’

संगठन ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित मरीजों के उपचार में संक्रमण पर नियंत्रण करने वाले तथा श्वसन संबंधी उपकरणों समेत नमूने जमा करने में 130 से अधिक चिकित्सा उपकरणों का इस्तेमाल होता है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 04, 2020 04:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).