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प्रेस स्वतंत्रता में ‘कटौती’ को लेकर मीडिया संगठनों ने अधिकारियों की खिंचाई की

भारतीय प्रेस परिषद् ने एक अंग्रेजी दैनिक के पत्रकार से दिल्ली पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने और उन पर आपराधिक मुकदमा चलाने की धमकी देने को लेकर शुक्रवार को चिंता जताई और पुलिस आयुक्त से कहा है कि इस मामले में रिपोर्ट पेश करें।

प्रेस स्वतंत्रता में ‘कटौती’ को लेकर मीडिया संगठनों ने अधिकारियों की खिंचाई की
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नयी दिल्ली, 15 मई मीडिया संगठनों ने अधिकारियों द्वारा कानून का कथित तौर पर दुरूपयोग कर पत्रकारों को ‘‘धमकी देने’’ और प्रेस की स्वतंत्रता में ‘‘कटौती’’ को लेकर शुक्रवार को चिंता जताई।

भारतीय प्रेस परिषद् ने एक अंग्रेजी दैनिक के पत्रकार से दिल्ली पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने और उन पर आपराधिक मुकदमा चलाने की धमकी देने को लेकर शुक्रवार को चिंता जताई और पुलिस आयुक्त से कहा है कि इस मामले में रिपोर्ट पेश करें।

भारतीय प्रेस परिषद् (पीसीआई) ने बयान जारी कर कहा कि इसने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ अखबार के विशेष संवाददाता से दिल्ली पुलिस द्वारा नौ मई 2020 को छपी एक खबर के सिलसिले में पूछताछ करने और आपराधिक अभियोजन की कथित तौर पर धमकी देने को लेकर चिंता जताई है।

पीसीआई ने बयान में कहा कि चूंकि मामला प्रेस के स्वतंत्रतापूर्वक कार्य को प्रभावित करता है, इसलिए दिल्ली के पुलिस आयुक्त से मामले के तथ्यों को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने एक गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक पर देशद्रोह के मामले दर्ज करने और हिमाचल प्रदेश में छह पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर दस प्राथमिकियां दर्ज करने की शुक्रवार को कड़ी आलोचना की और कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां ‘‘हमारी लोकतांत्रिक आकांक्षाओं पर धब्बा’’ है।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा शासित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पत्रकारों के खिलाफ ‘‘दुर्भावना से की गई कार्रवाइयों’’ को देखते हुए इसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा से अपील की है कि ‘‘कार्यवाहियों में शुचिता’’ के लिए वे दखल दें।

पीसीआई ने कहा, ‘‘हाल में मीडियाकर्मियों के खिलाफ जो निंदनीय पुलिस कार्रवाइयां हुई उसमें गुजरात और हिमाचल प्रदेश के सत्तारूढ़ दलों की मिलीभगत थी।’’

प्रेस स्वतंत्रता के लिए संपादकों, मीडियाकर्मियों और प्रमुख पत्रकारों का वैश्विक नेटवर्क वियना स्थित इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट (आईपीआई) ने भी ‘‘पत्रकारों को धमकी देने और प्रेस स्वतंत्रता को खत्म करने में, भारत में अधिकारियों द्वारा, कानून के दुरूपयोग पर गंभीर चिंता जताई।’’

आईपीआई के निदेशक (एडवोकेसी) रवि आर. प्रसाद ने कहा, ‘‘भारत में प्रेस स्वतंत्रता में अचानक आई गिरावट चिंताजनक है।’’

आईपीआई ने आरोप लगाए कि भारत सरकार ने, सरकार की आलोचना और महामारी के बारे में रिपोर्टिंग से स्वतंत्र मीडिया को रोकने के लिए कई हथकंडे अपनाए हैं।

इससे पहले एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी दिल्ली पुलिस की ‘‘अतिवादी एवं अनुपयुक्त कार्रवाई’’ का विरोध किया था।

गिल्ड ने बयान जारी कर कहा था, ‘‘दिल्ली पुलिस ने 10 मई को ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के विशेष संवाददाता महेन्द्र सिंह मनराल को नोटिस भेजकर इस मामले में, जांच में उसी दिन शामिल होने के लिए कहा था। मनराल ने खबर दी थी कि पुलिस की जांच में पता चला है कि (इस बात की संभावना है कि) तबलीगी जमात के नेता मौलाना साद के ऑडियो क्लिप से छेड़छाड़ की गई होगी।’’

इसने कहा था, ‘‘हालांकि मनराल पर कानून के तहत कोई मामला दर्ज नहीं किया गया लेकिन उन्हें धमकी दी गई कि अगर वह जांच में शामिल नहीं होते हैं तो भादंसं की धारा 174 के तहत उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है जिसमें उन्हें कैद और जुर्माना दोनों हो सकता है।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2020 08:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).