देश की खबरें | तबलीगी जमात के कार्यक्रम को संक्रमण के प्रसार से जोड़ने वाली एमबीबीएस की पुस्तक वापस ली गई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र में एमबीबीएस के द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए एक संदर्भ पुस्तक के कुछ अंश पर आपत्ति उठने के बाद पुस्तक को वापस ले लिया गया है। पुस्तक के कुछ अंश कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को कथित तौर पर नयी दिल्ली में तबलीगी जमात के कार्यक्रम से जोड़ते हैं, जिस पर आपत्ति जताई गई थी।

मुंबई, 19 मार्च महाराष्ट्र में एमबीबीएस के द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए एक संदर्भ पुस्तक के कुछ अंश पर आपत्ति उठने के बाद पुस्तक को वापस ले लिया गया है। पुस्तक के कुछ अंश कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को कथित तौर पर नयी दिल्ली में तबलीगी जमात के कार्यक्रम से जोड़ते हैं, जिस पर आपत्ति जताई गई थी।

एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

‘एसेंशियल्स ऑफ मेडिकल माइक्रोबायलॉजी’ के तीसरे संस्करण के लेखकों ने इस संबंध में माफी भी मांगी है।

‘स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेंशन’ ने किताब के दावे पर आपत्ति जताई है। संगठन ने कहा कि ऐसा कोई अध्ययन नहीं है जो इस बात की पुष्टि करता हो कि कोविड-19 महामारी का प्रसार तबलीगी जमात के कार्यक्रम में लोगों के इकट्ठा होने के कारण हुआ हो।

इस आपत्ति के बाद किताब के लेखक डॉ अपूर्बा शास्त्री और डॉ संध्या भट्ट ने कहा- माफी ‘‘ अगर अनजाने में इससे कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हों।’’

लेखकों ने आश्वासन दिया है कि नए संस्करण में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।

सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की कि किताब को वापस ले लिया गया है।

संगठन ने संदर्भ पुस्तक को वापस लिए जाने का स्वागत किया है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष मार्च में नयी दिल्ली में तबलीगी जमात का एक कार्यक्रम हुआ था जिसमें भाग लेने वाले काफी लोग कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ गए थे।

इसमें शामिल हुए अनेक लोगों को बाद में गिरफ्तार भी किया गया था और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी ,लेकिन अदालत ने इन मामलों को खारिज कर दिया था और कहा था कि ऐसे कोई साक्ष्य नहीं हैं जो साबित करते हों कि तबलीगी जमात के सदस्य संक्रमण फैला रहे थे।

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