कोविड-19 के कारण दुनियाभर में प्रभावित रहा मई दिवस जश्न
विरयोना की तरह दक्षिणपूर्व एशिया में लाखों कपड़ा उद्योग कर्मियों ने के लिए यह मई दिवस बेहद निराशापूर्ण रहा। वह इंडोनेशिया की राजधानी में रहते है, उनका कॉफी का काम था लेकिन लॉकडाउन के कारण वह ठप पड़ा गया और इसके बाद उन्होंने कपड़े ठीक करने का काम शुरू किया।
कोविड-19 के कारण हर देश की अर्थवयवस्था बुरी तरह बेहाल है और इसका सबसे बुरा असर मजदूरों पर ही पड़ा है।
विरयोना की तरह दक्षिणपूर्व एशिया में लाखों कपड़ा उद्योग कर्मियों ने के लिए यह मई दिवस बेहद निराशापूर्ण रहा। वह इंडोनेशिया की राजधानी में रहते है, उनका कॉफी का काम था लेकिन लॉकडाउन के कारण वह ठप पड़ा गया और इसके बाद उन्होंने कपड़े ठीक करने का काम शुरू किया।
उन्होंने ‘‘ मेरी ज्यादा कमाई नहीं होती... लेकिन मुझे अपनी पत्नी और बच्चों का पेट तो भरना है।’’
वहीं बांग्लादेश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बावजूद कार्य फिर से शुरू होने जा रहा है।
वहीं फ्रांसीसी घोर वामपंथी संघ के नेता फिलिप मार्टिनेज़ ने शुक्रवार को फ्रांस-इंटर रेडियो पर कहा, ‘‘ या तो हम चाहते हैं कि लोग मरें या हमकुछ और चाहते हैं। पहली प्राथमिकता रक्षा करना है।’’
उन्होंने फ्रांस के अस्थायी बेरोजगारी उपायों और राज्य स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की प्रशंसा की, लेकिन कहा कि यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने चेतावी दी कि अगर शिक्षकों को उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई तो वह 11 मई से पढ़ाने को मना कर सकते हैं।
फ्रांस में स्कूल 11 मई से खुल रहे हैं।
यूनान में लॉकडाउन भी मई दिवस के प्रदर्शन को रोक नहीं पाया। वहां प्रदर्शनकारियों ने एथेंस सिंटगमा स्क्वायर में सावधानी से दो मीटर की दूरी पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया।
आयोजकों ने मास्क और दस्ताने पहन रखे थे और प्रदर्शनकारी उचित दूरी पर खड़े हों इसके लिए टेप से स्थान नाप रहे थे।
मई दिवस पर मजदूरों का प्रदर्शन अमेरिका में 19वीं सदी में शुरू किया गया था,जहां बेरोजगारों को मिलने वाले लाभ पाने के लिए इस सप्ताह तक तीन करोड़ लोगों ने आवेदन दायर कर दिया था। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अप्रैल में बेरोजगारों की संख्या इतनी बढ़ जाएगी, जितनी 1930 की महामंदी के बाद से कभी देखी नहीं गई।
इस बीच, घातक कोरोना वायरस के कारण बेहाल हुई अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए बीजिंग ने अपने मॉल के दरवाजे आज खोल दिए हैं और टेक्सास से लेकर इंडियाना भी शुक्रवार को यही करने जा रहा है।
तुर्की में प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन की कोशिश की, कैलिफोर्निया के कार्यकर्ताओं हड़ताल की, चेक में कार के हॉर्न बजाए गए और फ्रांसीसी कार्यकर्ता बालकोनी से गाने गाते दिखे।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2020 05:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

