देश की खबरें | उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों का वृहद तंत्र हो रहा विकसित : योगी
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लखनऊ, 14 दिसंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों का वृहद तंत्र विकसित किया जा रहा है और आजादी के बाद से 2017 तक प्रदेश में केवल 12 मेडिकल कॉलेज थे लेकिन पिछले तीन वर्षों में तीस नये मेडिकल कॉलेज बनाये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री सोमवार को यहां संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के 37वें स्थापना दिवस समारोह में विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र के लिए संस्थान के विभिन्न संकाय सदस्यों को सम्मानित किया और उल्लेखनीय कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मियों को भी पुरस्कृत किया।
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सोमवार को जारी सरकारी बयान के अनुसार योगी ने कहा कि एसजीपीजीआई, लखनऊ का गौरवशाली इतिहास रहा है और इस संस्थान ने प्रदेश के साथ ही अन्य राज्यों में भी अपनी पहचान स्थापित की है। इस संस्थान के चिकित्सकों, रेजीडेंट्स के प्रति लोगों में विशेष भाव है। उन्होंने कहा कि एसजीपीजीआई, लखनऊ की लंबी यात्रा शेष है और इसके दृष्टिगत संस्थान को अपने आपको तकनीकी रूप से अद्यतन करते हुए भावी चुनौतियों के लिए तैयार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस उपलब्ध करायी गयी हैं और जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ किया गया है जिसकी वजह से प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के विरुद्ध प्रभावी संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 से बचाव और उपचार के प्रभावी प्रयासों की सराहना डब्ल्यूएचओ द्वारा भी की गयी है।
कार्यक्रम में प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेज में टेलीमेडिसिन आईसीयू की स्थापना हेतु पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन आफ इंडिया लि0 एवं एसजीपीजीआई के मध्य एमओयू किया गया। एमओयू के माध्यम से पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन आफ इंडिया द्वारा कंपनी सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत सात करोड़ रुपये की धनराशि एसजीपीजीआई को इस परियोजना के लिए प्रदान की गयी है।
मुख्यमंत्री कहा कि टेलीमेडिसिन वर्तमान समय की आवश्यकता है और प्रदेश में कोविड-19 के विरुद्ध लड़ाई को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में इसकी उपयोगिता महसूस की गयी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में गोरखपुर व रायबरेली में शीघ्र ही एम्स पूरी तरह संचालित हो जाएंगे।
कार्यक्रम को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक प्रोफेसर बलराम भार्गव ने डिजिटल माध्यम से संबोधित किया।
आनन्द
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