एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | मुनाफावसूली से बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 91 अंक टूटा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. शेयर बाजारों में बुधवार को पिछले दो दिन से जारी तेजी पर विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स तथा एनएसई निफ्टी दोनों एक सप्ताह से अधिक के उच्चस्तर से नीचे आ गये। वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के बीच बैंक, आईटी और धातु शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार में गिरावट आयी।

जरुरी जानकारी | मुनाफावसूली से बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 91 अंक टूटा

मुंबई, 29 दिसंबर शेयर बाजारों में बुधवार को पिछले दो दिन से जारी तेजी पर विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स तथा एनएसई निफ्टी दोनों एक सप्ताह से अधिक के उच्चस्तर से नीचे आ गये। वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के बीच बैंक, आईटी और धातु शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार में गिरावट आयी।

उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 90.99 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,806.49 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 19 शेयर नुकसान में जबकि 11 लाभ में रहे।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 19.65 अंक यानी 0.11 प्रतिशत टूटकर 17,213.60 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी के 31 शेयर नुकसान में रहे।

सेंसेक्स के शेयरों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ सर्वाधिक नुकसान में भारतीय स्टेट बैंक रहा। इसके अलावा आईटीसी, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, कोटक बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी गिरावट रही।

दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में सन फार्मा, इंडसइंड बैंक, डॉ. रेड्डीज, बजाज फिनसर्व और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं।

कारोबारियों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच वायदा एवं विकल्प खंड में सौदे के मासिक निपटान के अंतिम दिन से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव रहा।

आशिका स्टॉक ब्रोकिंग के शोध प्रमुख अरिजीत मलाकर ने कहा, ‘‘बाजार आज लगभग स्थिर बंद हुआ। पिछले दो कारोबारी सत्रों में दिसंबर महीने के वायदा एवं विकल्प खंड में सौदे को पूरा करने के लिये की गयी लिवाली से बाजार में तेजी रही। नये साल के अवकाश की वजह से अगले दो कारोबारी सत्रों में बाजार में स्थिरता बने रहने की उम्मीद है। अगले कुछ दिनों तक कई वैश्विक बाजार बंद रहेंगे।’’

विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना वायरस के नये स्वरूप ओमीक्रोन को लेकर बाजार में चिंता है। दिल्ली सरकार की पाबंदियों के बाद इस बात की आशंका है कि दूसरे राज्यों में भी संक्रमण के मामले बढ़ने पर इसी प्रकार की पाबंदी लगायी जा सकती है। ऐसा होने पर इससे अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार पर अल्पकाल में प्रतिकूल असर पड़ सकता है।’’

दिल्ली में पाबंदियों के कारण पीवीआर का शेयर 1.98 प्रतिशत नीचे आ गया।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि ओमीक्रोन को लेकर सरकार और बाजार का अलग-अलग रुख है।

उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर सरकारें सतर्क रुख अपना रही हैं और कुछ पाबंदियां लगा रही हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच भारत में भी महाराष्ट्र और दिल्ली में कुछ प्रतिबंध लगाये गये हैं। लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया इस रूप से है कि ओमीक्रोन महामारी का अंतिम चरण है।’’

इस महीने पहली बार विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध रूप से लिवाल रहे।

एशिया के अन्य बाजारों में चीन में शंघाई कंपोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की नुकसान में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में मिला-जुला रुख रहा।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.11 प्रतिशत बढ़कर 78.76 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया तीन पैसे के नुकसान के साथ 74.73 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 29, 2021 05:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).