जरुरी जानकारी | बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 578 अंक चढ़ा, बैंक शेयरों में तेजी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. चौतरफा लिवाली से घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन तेजी रही और बीएसई सेंसेक्स 578 अंक से अधिक के लाभ के साथ बंद हुआ। मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिये अमेरिका तथा अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों के आक्रामक तरीके से नीतिगत दर बढ़ाने को लेकर चिंताओं के बावजूद बाजार बढ़त में रहा।
मुंबई, 20 सितंबर चौतरफा लिवाली से घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन तेजी रही और बीएसई सेंसेक्स 578 अंक से अधिक के लाभ के साथ बंद हुआ। मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिये अमेरिका तथा अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों के आक्रामक तरीके से नीतिगत दर बढ़ाने को लेकर चिंताओं के बावजूद बाजार बढ़त में रहा।
ब्याज दरों में वृद्धि के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व (केंद्रीय बैंक) के साथ स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक इस सप्ताह नीतिगत दर के बारे में निर्णय करेंगे।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 578.51 अंक यानी 0.98 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,719.74 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 964.56 अंक तक चढ़ गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 194 अंक यानी 1.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,816.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 297.05 अंक तक चढ़ गया था।
सेंसेक्स के तीस शेयरों में से सन फार्मा सबसे अधिक 4.71 प्रतिशत के लाभ में रहा। इसके अलावा डॉ. रेड्डीज, इंडसइंड बैंक, टाटा स्टील, टाइटन, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक और एशियन पेंट्स प्रमुख रूप से लाभ में रहे।
दूसरी तरफ केवल चार शेयर नेस्ले इंडिया, पावरग्रिड, इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज 0.64 प्रतिशत तक नुकसान में रहे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘पश्चिमी बाजारों में कमजोर रुख का असर घरेलू बाजार पर नहीं हुआ। ऐसा लगता है कि भारतीय बाजार फेडरल रिजर्व के कदम को लेकर आशंकित नहीं है। गिरावट पर लिवाली की रणनीति काम कर रही है...।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, यह रुख तभी कायम रह सकता है जबकि वैश्विक बाजारों में स्थिरता हो। प्रतिकूल वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में शेयर तथा क्षेत्र केंद्रित रुख की जरूरत है।’’
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘सभी की नजरें एफओएमसी (फेडरल ओपन मार्केट कमेटी) की कल की बैठक पर है। आने वाले दिनों में फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर को लेकर निर्णय बाजार को दिशा देगा। निवेशकों की नजर वैश्विक रुख, कच्चे तेल और मुद्रा में उतार-चढ़ाव पर भी है।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहे।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार सोमवार को लाभ में थे।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.49 प्रतिशत चढ़कर 92.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर सात पैसे चढ़कर 79.74 (अस्थायी) पर बंद हुई।
शेयर बाजार में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 312.31 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 20, 2022 06:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

