जरुरी जानकारी | चालू वित्त वर्ष में उत्तर भारतीय चाय बागानों का मार्जिन कम होने के आसारः इक्रा

कोलकाता, 20 दिसंबर रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान चाय उत्पादन की लागत बढ़ने और पश्चिम बंगाल एवं असम में वेतन वृद्धि होने से उत्तर भारत के चाय बागानों का लाभ (मार्जिन) घट जाएगा।

इक्रा रेटिंग्स ने कहा कि कम निर्यात मांग और सुस्त ग्रामीण खपत के कारण भी मार्जिन पर असर पड़ेगा। उसने कहा कि चाय क्षेत्र के लिए परिदृश्य को स्थिर से संशोधित कर नकारात्मक किया गया है।

रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, कैलेंडर वर्ष 2023 के पहले 10 महीनों में पारंपरिक किस्म की अखिल भारतीय नीलामी कीमतों में सालाना आधार पर लगभग 51 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट देखी गई। इसी अवधि में दक्षिण भारत में चाय कीमतों में गिरावट सात रुपये प्रति किलोग्राम से कम थी।

इक्रा ने कहा कि पारंपरिक चाय की बिक्री में गिरावट मुख्य रूप से ईरान से कम निर्यात मांग के कारण थी।

इसी तरह, सीटीसी चाय की अखिल भारतीय संचयी नीलामी औसत में भी पहले 10 महीनों के दौरान छह रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट देखी गई।

इक्रा के मुताबिक, केन्या से चाय की अधिक आपूर्ति होने के कारण निर्यात बाजारों में प्रतिकूल परिस्थितियों के साथ सुस्त ग्रामीण मांग ने भी इस गिरावट में योगदान दिया है।

इक्रा के उपाध्यक्ष और चाय क्षेत्र प्रमुख सुजॉय साहा ने कहा, ‘‘ईरान, रूस और यूएई को निर्यात में भारी गिरावट ने भारत में नीलामी केंद्रों पर चाय की कीमतों पर असर डाला है।’’

इक्रा के अनुसार, वर्ष 2023 के पहले 10 महीनों में थोक चाय के अखिल भारतीय उत्पादन में सालाना आधार पर 2.2 करोड़ किलोग्राम की कमी आई है और पिछले साल की तुलना में इस बार सालाना उत्पादन एक प्रतिशत कम रह सकता है।

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