देश की खबरें | रक्षाकर्मियों से जुड़े अदालती मामलों के निपटारे को प्राथमिकता देने के लिए तंत्र की जरूरत : मेघवाल
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श्रीनगर, 26 जुलाई केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शनिवार को रक्षा कर्मियों से जुड़े अदालती मामलों के निपटारे को प्राथमिकता देने के लिए एक तंत्र की वकालत की।
विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एसकेआईसीसी (शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर) में दो दिवसीय उत्तर क्षेत्र क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मेघवाल ने कहा, "ऐसी कोई व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे छुट्टी पर गए और ड्यूटी पर वापस लौटने वाले सैनिक के मामले की सुनवाई को प्राथमिकता दी जा सके।"
उन्होंने कहा कि राजस्व सहित ऐसे मामलों को त्वरित आधार पर निपटाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "सैन्य कर्मियों को कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी देने के लिए एक अलग सामान्य सेवा केंद्र बनाया जा सकता है। मैं सरकार के भीतर भी इस बारे में बात करूंगा कि क्या सेवारत और सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों के लिए एक समर्पित राजस्व न्यायालय स्थापित किया जा सकता है। यह इस सम्मेलन का एक बहुत अच्छा परिणाम हो सकता है।"
इसी प्रकार, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस बात पर जोर दिया कि रक्षा कर्मियों, आदिवासियों और समाज के कमजोर वर्गों के लिये समय पर न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हो सके और उनका जीवन बेहतर हो सके।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा, "जम्मू-कश्मीर और सभी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रक्षा कर्मियों, आदिवासियों और समाज के कमजोर वर्गों को समय पर न्याय मिले, ताकि उनके जीवन में सुधार हो और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हो सके।"
उपराज्यपाल ने कहा कि न्याय देने में किसी भी प्रकार की देरी से इसका (न्याय का) उद्देश्य विफल हो जाता है।
सिन्हा ने कहा कि उनके प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र बलों के सदस्यों को न्याय प्राप्ति में सुविधा प्रदान करने के लिए तीन प्रमुख पहल की हैं और वे आदिवासी समुदाय को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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