देश की खबरें | कर्नाटक में व्यक्ति ने डिलीवरी एजेंट की हत्या की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जिले के अर्सीकेरे में एक व्यक्ति ने एक डिलीवरी एजेंट की कथित तौर पर चाकू मारकर सिर्फ इस वजह से हत्या कर दी क्योंकि उसके पास ऑनलाइन खरीदे गए आईफोन के वास्ते भुगतान करने को धनराशि नहीं थी।
हासन (कर्नाटक), 20 फरवरी जिले के अर्सीकेरे में एक व्यक्ति ने एक डिलीवरी एजेंट की कथित तौर पर चाकू मारकर सिर्फ इस वजह से हत्या कर दी क्योंकि उसके पास ऑनलाइन खरीदे गए आईफोन के वास्ते भुगतान करने को धनराशि नहीं थी।
हासन के पुलिस अधीक्षक हरिराम शंकर ने यहां संवाददाताओं को बताया कि आरोपी हेमंत दत्त (20) खुद एक कूरियर कंपनी का डिलीवरी एजेंट है। उन्होंने बताया कि हेमंत ने फ्लिपकार्ट के डिलीवरी एजेंट हेमंत नाइक (23) के शव को कथित तौर पर तीन दिनों तक बोरे में बंद करके अपने घर पर रखा और बाद में रेल की पटरी के पास फेंकने के बाद उसे आग लगा दी।
शंकर ने कहा, ‘‘हमें 11 फरवरी की सुबह अंचेकोपालु पुल के पास लक्ष्मीपुरम में रेल पटरी के पास एक अधजला शव होने की सूचना मिली थी।’’
उन्होंने कहा कि जांच करने वाली पुलिस टीम ने शव की पहचान हेमंत नाइक के रूप में की, जो सात फरवरी की सुबह से लापता था। उन्होंने कहा कि जांच से पता चला कि नाइक ने सात फरवरी की सुबह दो पार्सल डिलीवर किए और तीसरा पार्सल लक्ष्मीपुरम में हेमंत दत्त को देने के लिए निकला था लेकिन उसके बाद नाइक नहीं दिखा।
उन्होंने बताया कि इसके बाद दत्त को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया, जिसमें पता चला कि उसने ऑनलाइन एक पुराना आईफोन ऑर्डर (खरीदा) किया था।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नये फोन पर डिलीवरी पर भुगतान (कैश ऑन डिलीवरी) का कोई विकल्प नहीं है, लेकिन पुराने मोबाइल पर यह सुविधा उपलब्ध है। ऐसे पुराने फोन की कीमत लगभग 46,000 रुपये से 47,000 रुपये है।
शंकर ने कहा, ‘‘हेमंत दत्त के पास भुगतान के लिए पैसे नहीं थे। उसने डिलीवरी बॉय (हेमंत नाइक) को यह कहते हुए घर के अंदर बुलाया कि वह पैसे दे रहा है। दत्त ने फिर चाकू से उसकी हत्या करने की योजना बनाई। जब नाइक अपने फोन में व्यस्त था, तो दत्त ने उसका गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।’’
शंकर ने कहा कि दत्त ने शव को तीन दिनों तक अपने बाथरूम के अंदर बोरे में रखा। 10 फरवरी को आरोपी शव को स्कूटर से ले गया और रेलवे पुल के पास फेंकने के बाद उसपर मिट्टी के तेल और पेट्रोल डालकर उसे आग लगा दिया।
शंकर ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण मामला था क्योंकि हत्या का कोई मकसद नहीं था। पीड़ित की कोई दुश्मनी या कोई आपराधिक पृष्ठभूमि भी नहीं थी। हत्या केवल पैसे दिए बिना आईफोन पाने के लिए की गई थी।’’
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