देश की खबरें | ममता ने फुरफुरा शरीफ दरगाह की यात्रा पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष पर साधा निशाना
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कोलकाता, 17 मार्च पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को फुरफुरा शरीफ से ‘‘सद्भाव, शांति और एकता’’ का संदेश दिया और दरगाह पर जाने के पीछे उनकी मंशा पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों के नेताओं की आलोचना की।
बनर्जी ने लगभग एक दशक के बाद हुगली जिले के फुरफुरा शरीफ गांव का दौरा किया, जहां बंगाली मुसलमानों के एक वर्ग के प्रमुख ‘पीर’ (धार्मिक नेता) मोहम्मद अबू बकर सिद्दीकी की दरगाह है। मुख्यमंत्री ने समुदाय के इफ्तार में हिस्सा लेने से पहले स्थानीय धार्मिक नेताओं के साथ बैठक की।
ऐसा माना जाता है कि फुरफुरा शरीफ के ‘पीर’ या धार्मिक नेता का राज्य के बांग्ला भाषी मुसलमानों के एक बड़े वर्ग पर काफी प्रभाव है, और इसी वजह से उन्हें पहले भी राजनीतिक दलों द्वारा संभावित वोट बैंक के रूप में लुभाया गया है।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख बनर्जी ने कहा, ‘‘मीडिया के कुछ हिस्सों में मेरे यहां आने के इरादे पर सवाल उठाने वाली खबरें देखकर मैं निराश हूं। यह इस जगह की मेरी पहली यात्रा नहीं है, मैं इससे पहले करीब 15-16 बार यहां आ चुकी हूं। जब मैं काशी विश्वनाथ मंदिर या पुष्कर जाती हूं, तो आप यह सवाल क्यों नहीं पूछते?’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं दुर्गा पूजा और काली पूजा करती हूं या क्रिसमस समारोह में हिस्सा लेती हूं तो आप चुप क्यों रहते हैं? जब मैंने होली के दौरान सभी को शुभकामनाएं दीं तो सवाल क्यों नहीं पूछे गए?’’
ममता ने कहा, ‘‘बंगाल की धरती सद्भाव की धरती है और इस मंच से हमारा संदेश राज्य के सभी समुदायों के बीच सद्भाव, शांति और एकता का है।’’
मुख्यमंत्री ने फुरफुरा के नेताओं को यह भी आश्वासन दिया कि वे स्थानीय बुनियादी ढांचे के विकास की कुछ मांगों पर गौर करेंगी, जो निवासियों ने उठाई हैं। उन्होंने इलाके में एक पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना की भी घोषणा की।
इससे पहले, विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने बनर्जी की फुरफुरा शरीफ की यात्रा पर कटाक्ष करते हुए दावा किया कि उनके ‘‘असली इरादे’’ ‘‘राजनीतिक’’ हैं और उनका उद्देश्य ‘‘अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में मुस्लिम समुदाय से चुनावी समर्थन हासिल करना’’ है।
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री की दरगाह यात्रा को ‘‘चुनाव पूर्व अनुष्ठान’’ करार दिया। अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, वह फुरफुरा शरीफ की यात्रा करती हैं।’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता सुजान चक्रवर्ती ने दावा किया कि बनर्जी चुनाव से पहले मुस्लिम समुदाय में अपना जनाधार भांपने की कोशिश कर रही हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी ने सत्ता में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पहले भी फुरफुरा नेताओं से सहायता ली थी। उन्होंने क्षेत्र में रेलवे कनेक्टिविटी के अपने वादे को पूरा करने में विफल होकर वहां के लोगों को धोखा दिया। बनर्जी को इस बात का पूरा अहसास है कि अगर वह सिद्दीकी नेताओं और क्षेत्र के पीरों को खुश रखती हैं तो उन्हें चुनावी लाभ मिल सकता है।’’
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