देश की खबरें | ममता ‘असहिष्णुता’ का पर्याय हैं : नड्डा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर “असहिष्णुता” का पर्याय होने का आरोप लगाया और राज्य में 200 से ज्यादा सीटों के साथ अगली सरकार बनाने का भरोसा जताया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, नौ दिसंबर भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर “असहिष्णुता” का पर्याय होने का आरोप लगाया और राज्य में 200 से ज्यादा सीटों के साथ अगली सरकार बनाने का भरोसा जताया।

दिल्ली सीमा पर किसानों द्वारा जारी प्रदर्शन के बावजूद राजस्थान में पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों में भाजपा के अच्छे प्रदर्शन से उत्साहित भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश के किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों के पक्ष में फैसला दिया है।

यह भी पढ़े | करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए खुशखबरी, 14 दिसंबर से बदल जाएंगे RTGS के ये नियम.

पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर यहां आए नड्डा ने प्रदेश में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और देश में अन्य दलों की “वंशवाद की राजनीति” की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा के लिये “पार्टी ही परिवार है।”

राज्य के विभिन्न जिलों में पार्टी के नौ कार्यालयों का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा, “श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अनुशासन और सहिष्णुता के बारे में जो कहा था मैं आज उसे याद करना चाहूंगा …वह बंगाल में मौजूदा स्थिति में बेहद प्रासंगिक है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिये… आपका नाम असहिष्णुता है।”

यह भी पढ़े | राजस्थान में एक दिन में कोविड-19 के 1,511 नए मामले आए सामने, 2,577 मरीज हुए ठीक, 17 की मौत: 9 दिसंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने आलोचना करते हुए कहा, “हर कोई जानता है कि रवींद्रनाथ जी (टैगोर) ने देश को एक नजरिया दिया, लेकिन आज बंगाल में असहिष्णुता बढ़ रही है।”

नड्डा ने टीएमसी सरकार पर “अल्पसंख्यक तुष्टिकरण” का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि भगवा दल 2021 के चुनावों में 200 से ज्यादा सीटों के साथ सत्ता में आएगा और टीएमसी का ‘सफाया’ हो जाएगा।

उन्होंने कहा, “जब पूरा देश ‘भूमि पूजन’ (अयोध्या में राम मंदिर का) देख रहा था तब ममता बनर्जी ने पांच अगस्त को पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन लगा दिया जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों को इस मौके पर शिरकत से रोका जा सके।”

उन्होंने कहा, “इसके बिल्कुल विपरीत, 31 जुलाई को बकरीद के मौके पर लॉकडाउन हटा लिया गया था। यह दिखाता है कि प्रदेश सरकार की नीतियां तुष्टिकरण की राजनीति से प्रेरित हैं।”

भाजपा नेता ने कहा कि वह जब भी राज्य में आते हैं तो उन्हें “दुख और शर्मिंदगी” महसूस होती है कि जो प्रदेश कभी अपनी विशिष्ट संस्कृति के लिये जाना जाता था वह अब “हिंसा, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद” के लिये कुख्यात है।

नड्डा ने कहा कि राजस्थान के पंचायती राज चुनावों और बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत ने साबित किया है कि ग्रामीण भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की नीतियों के साथ है।

पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से पूरे प्रदेश में विकास का संदेश पहुंचाने का अनुरोध करते हुए नड्डा ने कहा, “भ्रष्ट टीएमसी को बेनकाब करने और अगले विधानसभा चुनावों में उनका सफाया करने का वक्त आ गया है।”

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 2011 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को 2 प्रतिशत मत मिले थे जबकि 2014 में उसका मत प्रतिशत बढ़कर 18 फीसद हो गया और उसे लोकसभा की दो सीटें मिलीं। उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी ने करीब 40 प्रतिशत मत और 18 सीटें हासिल कीं।

नड्डा ने भाजपा कार्यकर्ताओं से इस लय को बरकरार रखने को कहा जिससे 2021 में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिये होने वाले चुनावों में पार्टी 200 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करे।

राज्य में राजनीतिक हत्याओं का संदर्भ देते हुए नड्डा ने दावा किया कि 130 से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ता “शहीद” हो चुके हैं और उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा, “बंगाल में चल रही सियासी हिंसा का कोई अंत नहीं। हर रोज हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं, उनकी हत्या की जा रही है। इस कृत्य में अब तक 130 से ज्यादा भाजपा कर्यकर्ता मारे जा चुके हैं जो मानवता के खिलाफ है।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now