विदेश की खबरें | इजराइल की जल व्यवस्था पर बड़े साइबर हमले को टाल दिया गया : साइबर प्रमुख

यिगल उन्ना ने ईरान का सीधे जिक्र नहीं किया, न ही उन्होंने दो हफ्ते बाद इजराइल के कथित पलटवार पर टिप्पणी की, जिसमें ईरान के एक महत्वपूर्ण बंदरगाह को बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं गुप्त युद्ध के नये युग की शुरुआत है और चेतावनी दी कि ‘‘साइबर शीत ऋतु आ रहा है।’’

उन्होंने डिजिटल अंतरराष्ट्रीय साइबर सम्मेलन ‘साइबरसीएचलाइवएशिया’ को वीडियो माध्यम से संबोधित करते हुए कहा, ‘‘साइबर क्षेत्र में व्यस्त चीजें चल रही हैं और मेरा मानना है कि पिछले महीने और मई 2020 को हम आधुनिक साइबर युद्ध के इतिहास में बदलाव बिंदु के तौर पर याद रखेंगे।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘अगर बुरे लोग अपने षड्यंत्र में कामयाब हो जाते तो कोरोना संकट के बीच नागरिक आबादी को बड़ा नुकसान पहुंचता और उन्हें पानी की कमी या उससे भी बुरी स्थिति का सामना करना पड़ता।’’

इजराइल और ईरान एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन हैं जो वर्षों से गुप्त युद्ध में संलिप्त रहे हैं और वे एक-दूसरे पर हाई-टेक हैकिंग और साइबर हमले करते रहे हैं।

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अमेरिका और इजराइल की खुफिया एजेंसियों पर संदेह है कि उन्होंने स्टक्सनेट नाम का कम्पूयटर वायरस वर्षों पहले छोड़ा था, ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बाधित किया जा सके।

लेकिन उन्ना ने कहा कि आधुनिक इतिहास में पहली बार इजराइल की जल व्यवस्था को हैक करने का प्रयास किया गया और ‘‘यह वास्तविक जीवन को क्षति पहुंचाने जैसा प्रयास था न कि आईटी या डेटा को।’’

उन्होंने कहा कि अगर इजराइल के राष्ट्रीय साइबर निदेशालय ने सही समय पर हमले का पता नहीं लगाया होता तो गलत अनुपात में पानी में क्लोरीन या अन्य रसायन मिल सकते थे और इसका ‘‘नुकसानदायक और खतरनाक’’ परिणाम होता।

इस प्रयास के बाद उनके कार्यालय ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर बताया कि इसे टाल दिया गया और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।

लेकिन उन्ना के बयान से घटना का पहला आधिकारिक ब्यौरा सामने आया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह इजराइल पर और इजराइल की राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमला है न कि किसी वित्तीय लाभ के लिए हमला हुआ है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमला हुआ लेकिन नुकसान को रोक दिया गया और यही हमारा लक्ष्य और हमारा मिशन है। और हम अगले चरण की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि ऐसा फिर से हो सकता है।’’

ईरान ने हैकिंग के प्रयास पर कोई टिप्पणी नहीं की और इसके जवाब में शाहीद राजी बंदरगाह पर नौ मई को हुए कथित पलटवार को तवज्जो नहीं दी।

ईरान के बंदरगाह एवं समुद्री एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद रसटड ने अर्द्धसरकारी आईएलएनए संवाद समिति से कहा कि एजेंसी के सिस्टम में हमले को नाकाम कर दिया गया और इससे केवल ‘‘कई निजी सेक्टर के सिस्टम’’ में क्षति हुई।

इजराइल ने ईरान के खिलाफ हमले पर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन इजराइल की आर्मी रेडियो को दिए साक्षात्कार में सैन्य खुफिया के पूर्व प्रमुख अमोस याडलिन ने कहा कि काफी क्षति हुई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमले ने एक वैश्विक ताकत की साइबर क्षमता को दर्शाया। यह प्रतीत होता है कि यह ईरान को इजराइल का स्पष्ट संदेश था कि वह इजराइल में नागरिक व्यवस्था, बिजली और पानी व्यवस्था को छूने का प्रयास नहीं करे जिन पर पिछले महीने हमला किया गया था। आप ईरान के लोग हमारी तुलना में ज्यादा कमजोर हैं।’’

हमले पर सीधे चर्चा किए बगैर उन्ना ने कहा कि पिछला महीना साइबर हमले का ऐतिहासिक बदलाव बिंदु था।

उन्होंने कहा, ‘‘साइबर शीत ऋतु आ रही है और जितना मुझे संदेह था उससे ज्यादा तेजी से आ रही है। हम सिर्फ शुरुआत देख रहे हैं।’’

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