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Kolhapur Violence: कोल्हापुर में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुई हिंसा, इंटरनेट सेवाएं ठप्प

उप मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘उनके बयान के बाद वहां के कुछ युवाओं ने औरंगजेब और टीपू सुल्तान का महिमामंडन किया, और उसके बाद प्रतिक्रिया आई. क्या बयान और घटनाओं के बीच कोई संबंध है? हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि कौन औरंगजेब का महिमामंडन कर रहा है और कौन लोगों को ऐसा करने के लिए उकसा रहा है. जांच पूरी होने के बाद मैं उन चीजों का खुलासा करूंगा.’’

Kolhapur Violence: कोल्हापुर में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुई हिंसा, इंटरनेट सेवाएं ठप्प
इन्टनेट (Photo Credit: Pixabay)

कोल्हापुर: महाराष्ट्र के कोल्हापुर में कुछ स्थानीय लोगों द्वारा टीपू सुल्तान की तस्वीर के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक ऑडियो संदेश को सोशल मीडिया ‘स्टेटस’ के रूप में लगाने के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन कर रही भीड़ की ओर से पथराव करने के बाद लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शन को देखते हुए कोल्हापुर में बृहस्पतिवार तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं. उन्होंने कहा कि राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) के कर्मियों को शहर में तैनात किया गया है जबकि पुलिस ने सतारा से और पुलिस बल की मांग की है. अधिकारी ने कहा कि 19 जून तक निषेधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं और पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. Kolhapur Violence: 'अचानक औरंगजेब की इतनी औलादें कहां से पैदा हो गई', कोल्हापुर हिंसा पर बोले डिप्टी CM फडणवीस

इस बात की आशंका है कि प्रदर्शनकारियों के कुछ समूह पड़ोसी सांगली जिले जा सकते हैं, इसे देखते हुए पुलिस को सतर्क कर दिया गया है और निषेधात्मक आदेश लागू किए जा सकते हैं. उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूछा कि विपक्षी खेमे के कुछ नेताओं की ओर से राज्य में दंगे जैसे हालात संबंधी बयान देना तथा इसके बाद मुगल बादशाह औरंगजेब तथा टीपू सुल्तान को महिमामंडित किए जाने का क्या आपस में कोई संबंध है.

दो व्यक्तियों ने मैसुरु के 18वीं सदी के शासक टीपू सुल्तान की तस्वीर के साथ कथित आपत्तिजनक ऑडियो संदेश को अपने सोशल मीडिया ‘स्टेटस’ पर लगाया था जिससे मंगलवार को तनाव हो गया था. एक अन्य अधिकारी ने कहा कि दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने दोनों व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. अधिकारी ने बताया कि और प्रदर्शन होने के बाद पुलिस ने शाम को एक और प्राथमिकी दर्ज की तथा सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

बुधवार को फिर से प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए. कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) महेंद्र पंडित ने बताया, ‘‘कुछ संगठनों ने कोल्हापुर बंद का आह्वान किया था और उनके कार्यकर्ता आज शिवाजी चौक पर जमा हुए थे. प्रदर्शन के बाद भीड़ लौट रही थी, तभी कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी जिसकी वजह से पुलिस को उनके खिलाफ बल प्रयोग करना पड़ा ताकि वे तितर-बितर हो सके.’’

एसपी ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आपत्तिजनक पोस्ट मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में बताया दिया था और उनसे शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि घरों पर पथराव और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने के बाद ही बल और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया.

कोल्हापुर के जिलाधिकारी राहुल रेखावार ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है. कोल्हापुर के प्रभारी मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है जिन्होंने टीपू सुल्तान की तस्वीर के साथ आपत्तिजनक ऑडियो संदेश सोशल मीडिया पर पोस्ट किया.

फडणवीस ने पत्रकारों से कहा कि कुछ नेताओं की ओर से राज्य में दंगे जैसे हालात संबंधी बयान तथा किसी खास समुदाय के एक वर्ग द्वारा औरंगजेब तथा टीपू सुल्तान को महिमामंडित किए जाने की घटना महज इत्तेफाक नहीं हो सकती. फडणवीस ने यह टिप्पणी अहमदनगर में एक जुलूस के दौरान औरंगजेब की तस्वीर लहराए जाने की घटना तथा कोल्हापुर में तनाव की पृष्ठभूमि में की है.

उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह औरंगजेब का महिमामंडन महाराष्ट्र में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

फडणवीस ने कहा कि उन्हें अचरज हुआ कि कोल्हापुर में विपक्ष के एक मुख्य नेता ने कहा कि उन्हें मालूम हैं कि दंगे होंगे.

उप मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘उनके बयान के बाद वहां के कुछ युवाओं ने औरंगजेब और टीपू सुल्तान का महिमामंडन किया, और उसके बाद प्रतिक्रिया आई. क्या बयान और घटनाओं के बीच कोई संबंध है? हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि कौन औरंगजेब का महिमामंडन कर रहा है और कौन लोगों को ऐसा करने के लिए उकसा रहा है. जांच पूरी होने के बाद मैं उन चीजों का खुलासा करूंगा.’’

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और उनसे कानून हाथ में नहीं लेने का अनुरोध किया. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने अहमदनगर और कोल्हापुर में हुई घटनाओं की पृष्ठभूमि में दावा किया कि महाराष्ट्र में कुछ छोटे मुद्दों को “धार्मिक रंग” दिया जा रहा है और सत्ताधारी दल ऐसी चीजों को बढ़ावा दे रहे हैं, जो चिंता का विषय है.

पवार ने आरोप लगाया, “हाल ही में हमने अहमदनगर के बारे में सुना. आज मैंने कोल्हापुर की खबर देखी. लोग सड़कों पर निकल आए और फोन पर संदेश भेजने की एक छोटी सी घटना को धार्मिक रंग देना अच्छा संकेत नहीं है. सत्ताधारी दल ऐसी बातों को बढ़ावा दे रहे हैं.”

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने गृह विभाग संभालने वाले फडणवीस पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असफल रहने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की. उन्होंने मुंबई के एक छात्रावास में एक छात्रा के कथित बलात्कार और हत्या के मामले का भी हवाला दिया. अहमदनगर जिले के संगमनेर में दो दिन पहले एक लड़के की कथित हत्या के विरोध में सकल हिंदू समाज की एक रैली के दौरान पथराव हुआ था.

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 07, 2023 09:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).