महाराष्ट्र ने कोरोना वायरस मरीजों का इलाज करने वाले निजी अस्पतालों के लिए मूल्य सीमा तय की
महाराष्ट्र में गैर-सरकारी स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं को अधिकतम रोगियों को भर्ती करने को कहा गया है जो उपलब्ध बेड में से 80 फीसदी बेड पर इन्हें भर्ती करेंगे और इसकी दरें सरकार की ओर से स्वीकृत की जाएंगी।
मुंबई, 22 मई महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण का निजी और धर्मार्थ अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए प्रति दिन शुल्क को लेकर तीन स्लैब जारी की हैं और सरकार ने इन अस्पतालों में 80 प्रतिशत बेड के लिए दरों को विनियमित करने का निर्णय लिया है।
महाराष्ट्र में गैर-सरकारी स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं को अधिकतम रोगियों को भर्ती करने को कहा गया है जो उपलब्ध बेड में से 80 फीसदी बेड पर इन्हें भर्ती करेंगे और इसकी दरें सरकार की ओर से स्वीकृत की जाएंगी।
राज्य सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को जारी नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, शुल्क विनिमयन का फैसला निजी और धर्मार्थ अस्पतालों के पृथक और गैर पृथक बेड पर लागू होगा।
इसका मतलब है कि किसी भी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के पास उपलब्ध पृथक और गैर-पृथक वार्ड में 80 प्रतिशत बेड राज्य सरकार या नगरपालिका आयुक्त या जिला कलेक्टर द्वारा विनियमित किए जाएंगे।
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, स्वास्थ्य सेवा प्रदाता 20 प्रतिशत बेड पर अपनी दरों के हिसाब से शुल्क वसूल सकते हैं।
यह दिशा-निर्देश 31 अगस्त तक लागू रहेंगे।
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