पृथक-वास अवधि कम करने को लेकर आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रहा है महाराष्ट्र
उन्होंने एक अध्ययन का भी हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि सरकार मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देने से पहले दो बार जांच करने के बजाय केवल एक बार जांच करने के बाद घर भेज सकती है।
मुंबई, छह मई महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार कोरोना वायरस के मरीजों और संदिग्ध मामलों के लिए मौजूदा दिशा-निर्देशों के तहत आवश्यक 14 दिनी पृथक-वास अवधि को कम करने के लिए आईसीएमआर के नये निर्देशों का इंतजार कर रही है।
उन्होंने एक अध्ययन का भी हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि सरकार मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देने से पहले दो बार जांच करने के बजाय केवल एक बार जांच करने के बाद घर भेज सकती है।
टोपे ने एक मराठी समाचार चैनल से कहा, ‘‘मुझे उस नए अध्ययन की जानकारी है, जिसमें सरकारी केंद्रों में लोगों के लिए सात दिन की पृथक-वास अवधि का सुझाव दिया गया है।’’
उन्होंने कहा कि मरीज को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी देने से पहले 24 घंटे के अंतराल में दो बार जांच की जाती है।
उन्होंने कहा कि नए अध्ययन के अनुसार सरकार केवल एक बार जांच करने के बाद भी मरीज को छुट्टी दे सकती है।
टोपे ने कहा, ‘‘इससे सरकार के पास और जांच किट उपलब्ध होगी और समय की बचत होगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस संबंध में नयी दिल्ली स्थित भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से आधिकारिक संवाद का इंतजार कर रहे हैं।’’
इस बीच, टोपे ने जानकारी दी कि राज्य सरकार प्रतिदिन करीब आठ हजार नमूनों की जांच कर रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप कोरोना वायरस संक्रमण के अधिक मामले सामने आ रहे हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2020 11:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

