देश की खबरें | महाराष्ट्र सरकार बंबई उच्च न्यायालय की इमारत के लिए भूमि सात सितंबर तक उपलब्ध कराए: उच्चतम न्यायालय
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नयी दिल्ली, 22 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र सरकार से कहा कि वह सात सितंबर तक एक आदेश जारी करके बंबई उच्च न्यायालय को नई इमारत के निर्माण के लिए ‘बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स’ में भूमि उपलब्ध कराए।
शीर्ष अदालत ने ‘बंबई उच्च न्यायालय की ऐतिहासिक इमारत और उच्च न्यायालय के लिए अतिरिक्त भूमि के आवंटन’ शीर्षक वाले मामले में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को उच्च न्यायालय की भवन परियोजना को ‘महत्वपूर्ण’ घोषित करने के लिए एक और आदेश पारित करने का भी निर्देश दिया। इस निर्देश का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण परियोजना प्रभावित नहीं हो।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की विशेष पीठ ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मुंबई की एक इमारत के कुछ हिस्से का कब्जा सौंपने के संबंध में ‘बैंक ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष के साथ समन्वय करने के लिए भी कहा ताकि वहां उच्च न्यायालय की कुछ सुविधाओं को स्थानांतरित किया जा सके।
अदालती कार्यवाही की शुरुआत में पीठ ने मामले में अब तक हुई प्रगति के बारे में पूछा। महाराष्ट्र के महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने कहा कि महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और राज्य सरकार उच्च न्यायालय को जमीन का कब्जा सौंपने के लिए कदम उठा रही है और पहला चरण 10 सितंबर तक पूरा हो जाएगा।
इसके पहले 15 जुलाई को राज्य सरकार ने कहा था कि वह उच्च न्यायालय को नई इमारत के निर्माण के लिए 4.39 एकड़ जमीन 10 सितंबर तक उपलब्ध करा देगी।
उच्चतम न्यायालय को यह भी बताया गया कि 30.46 एकड़ शेष भूमि भी तय समय सीमा के अंदर उच्च न्यायालय को उपलब्ध कराई जाएगी।
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