नागपुर (महाराष्ट्र), सात दिसंबर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने बृहस्पतिवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्य विधानसभा में 55,520.77 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांगें पेश कीं।
अनुपूरक मांगें बजटीय आवंटन पर सरकार द्वारा मांगी गई अतिरिक्त धनराशि होती हैं। राज्य के वित्त मंत्री अजीत पवार ने अनुपूरक मांगें सदन में पेश कीं।
वित्त विभाग द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि कुल धनराशि में से 19,244.34 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांगों को अनिवार्य व्यय के रूप में वर्णित किया गया है, जबकि राज्य सरकार के विभिन्न जारी कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए 32,792.81 करोड़ रुपये की मांगों की आवश्यकता है।
इसके अलावा, 3,483.62 करोड़ रुपये की पूरक मांगें केंद्र सरकार की जारी योजनाओं में राज्य के योगदान के लिए हैं।
वित्त विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसी कई योजनाएं जारी हैं जिनके लिए राज्य के खजाने से वित्तीय व्यय के एक हिस्से की आवश्यकता होती है।’’
पत्र में कहा गया है कि राज्य के खजाने पर इन पूरक मांगों का वास्तविक प्रभाव 48,384.66 करोड़ रुपये होगा।
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