देश की खबरें | महाराष्ट्र सरकार ने विवादों में रहे आईपीएस अधिकारी को एसआईटी का प्रमुख नियुक्त किया

मुंबई, 11 मार्च महाराष्ट्र सरकार ने 2011 में किसानों पर गोली चलाने के मामले में नामजद भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी संदीप कार्णिक को सोमवार को मराठा आरक्षण हिंसा की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का प्रमुख नियुक्त किया।

कार्णिक और तीन अन्य अधिकारियों पर अगस्त 2011 में पुणे जिले की मावल तहसील में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी का आरोप लगा था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी।

राज्य के गृह विभाग ने एक आदेश में कहा कि कार्णिक एसआईटी का नेतृत्व करेंगे, जो कुछ महीने पहले मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा की गहन जांच करेगी।

अक्टूबर 2023 में आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा होने की सूचना मिली थी। हिंसा के दौरान बीड में दो विधायकों के घरों और अन्य संपत्तियों में तोड़फोड़ व आगजनी की गई थी।

आदेश में कहा गया है, "एसआईटी के अगले तीन महीने में रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है। एसआईटी प्रमुख के पास विशेषज्ञों को आमंत्रित करने और राज्य सरकार की सहमति से अधिक लोगों को जांच में शामिल करने की विशेष शक्तियां होंगी।”

कार्णिक फिलहाल नासिक शहर के पुलिस आयुक्त हैं।

मावल गोलीबारी प्रकरण के समय पुणे जिले के पुलिस अधीक्षक रहे कार्णिक की राजनीतिक दलों ने आलोचना की थी और 2015 में बंबई उच्च न्यायालय ने उन्हें सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ देने के लिए राज्य सरकार के प्रति नाराजगी जताई थी।

घटना की जांच के दौरान पता चला था कि कार्णिक समेत चार अधिकारी किसानों की भीड़ पर अनुचित गोलीबारी में शामिल थे, जिसने पावना बांध से पिंपरी चिंचवड़ तक पाइपलाइन के निर्माण के विरोध में मावल में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सड़क जाम कर दी थी।

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